
एक पोस्टर, ट्रेलर और फिल्म... दिल्ली में गुमशुदा लोगों की 'असली सच्चाई' हैरान कर देगी!
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दिल्ली में महिलाओं, लड़कियों और बच्चों के अचानक गायब होने की खबरों ने हड़कंप मचा दिया. आंकड़े डराने वाले थे, सवाल गंभीर थे. लेकिन क्या वाकई राजधानी में गुमशुदगी का सैलाब आ गया है या फिर सोशल मीडिया ने आंकड़ों को डर में बदल दिया.
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक डराने वाली कहानी तेजी से फैलती दिखी. दावा किया गया कि दिल्ली से सैकड़ों बच्चे, लड़के, लड़कियां और नौजवान अचानक गायब हो रहे हैं. जनवरी 2026 के पहले 27 दिनों में ही 807 लोगों के लापता होने के आंकड़े वायरल कर दिए गए. इनमें 137 बच्चों के गायब होने की बात कही गई.
इन आंकड़ों ने राजधानी ही नहीं, देशभर के माता-पिता को चिंता में डाल दिया. जिनके बच्चे दिल्ली में पढ़ाई या नौकरी के सिलसिले में रह रहे हैं, वे लगातार फोन कर हालचाल लेने लगे. लेकिन सवाल ये है कि क्या सच में दिल्ली में अचानक गुमशुदगी की कोई लहर आ गई है. या फिर इस डर के पीछे कोई और वजह छिपी है. इस कहानी की शुरुआत 10 जनवरी से होती है.
इसी दिन यशराज फिल्म्स ने अपनी आने वाली फिल्म 'मर्दानी 3' का पोस्टर रिलीज किया था. इस पोस्टर में बॉलीवुड एक्ट्रेस रानी मुखर्जी के पीछे कई छोटी बच्चियां नजर आ रही थीं और हर तरफ 'मिसिंग' शब्द दिखाई दे रहा था. दो दिन बाद 12 जनवरी को फिल्म का ट्रेलर आया और 30 जनवरी को फिल्म थिएटर में रिलीज हो गई. इस फिल्म की कहानी ही गुमशुदा पर आधारित है.
इस फिल्म के पोस्टर पर लिखा था, Rescue begins on the 30th January. संयोग देखिए कि फिल्म के रिलीज होते ही 1 फरवरी से सोशल मीडिया पर दिल्ली के गुमशुदा बच्चों की खबरों की बाढ़ आ गई. पहले एक्स पर पोस्ट्स आए, फिर फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर आंकड़े तैरने लगे. सोशल मीडिया पर माहौल गरमाया तो न्यूज चैनल और अखबार भी मुद्दे पर उतर आए.
राजनीतिक बयानबाज़ी भी शुरू हो गई. उधर फिल्म देखकर लौटे लोग भी अनजाने में इन पोस्ट्स को आगे बढ़ाने लगे. धीरे-धीरे यह दिल्ली की सबसे डरावनी खबर बन गई. हालांकि, यह दावा भी सामने आया कि यह सब एक पेड सोशल मीडिया कैंपेन हो सकता है, जिससे फिल्म को फायदा मिले. लेकिन बॉक्स ऑफिस आंकड़े कुछ और ही कहानी कहते हैं.

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