
एक के बाद एक धमाके से हिला ईरान, खामेनेई शासन के खिलाफ क्या इजरायल कर रहा सीक्रेट ऑपरेशन?
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ईरान में संभावित युद्ध के माहौल के बीच दक्षिणी हिस्सों में हुए दो रहस्यमय धमाकों ने सनसनी फैला दी है. बंदर अब्बास और अहवाज में हुए विस्फोटों में सात लोगों की मौत हो गई. गैस लीक की आधिकारिक वजह पर स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं, जबकि IRGC ने नेवी कमांडर को निशाना बनाने के दावों को खारिज किया है.
जंग की आशंकाओं के बीच ईरान में एक के बाद एक धमाकों से दहशत और गहरा गई है. दक्षिणी ईरान में शनिवार को हुए दो अलग-अलग विस्फोटों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. सरकारी एजेंसियों ने इन धमाकों के लिए गैस लीक को जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो इन दावों पर सवाल खड़े कर रहे हैं.
पहला धमाका ईरान के प्रमुख बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में एक रिहायशी इमारत में हुआ. स्थानीय अधिकारी के मुताबिक इस विस्फोट में दो लोगों की मौत हो गई और 14 लोग घायल हुए. फायर डिपार्टमेंट के प्रमुख ने शुरुआती जांच के आधार पर इसे गैस लीक का नतीजा बताया. हालांकि, एक स्थानीय निवासी ने ईरान इंटरनेशनल को भेजे गए वीडियो में दावा किया कि जिस इमारत में धमाका हुआ, वहां अब तक गैस कनेक्शन ही नहीं था.
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घटनास्थल से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में इमारत को भारी नुकसान हुआ है. इमारत की दो मंजिलें पूरी तरह तबाह हो गईं और आसपास मलबा बिखरा नजर आया. इन वीडियो के सामने आने के बाद अफवाहें तेज हो गईं कि यह धमाका किसी बड़े टारगेट पर हमला हो सकता है.
IRGC कमांडर को निशाना बनाने का दावा
इस बीच यह दावा भी सामने आया कि बंदर अब्बास में हुआ विस्फोट ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के नेवी कमांडर को निशाना बनाकर किया गया. हालांकि IRGC से जुड़े तस्नीम न्यूज एजेंसी के हवाले से इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया गया है. एक स्थानीय अखबार द्वारा जारी वीडियो में वर्दी पहने एक व्यक्ति को घायल दिखाया गया था, लेकिन बाद में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वह कानून प्रवर्तन एजेंसी का कर्मचारी था, जो घायलों की मदद करते वक्त जख्मी हुआ.

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