
एक और इंजीनियरिंग स्टूडेंट ने किया सुसाइड, IIT दिल्ली के हॉस्टल में पंखे से लटका मिला शव
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IIT Delhi student commits suicide: 23 वर्षीय आयुष उत्तर प्रदेश का रहने वाला था और आईआईटी दिल्ली फॉर्थ ईयर में था. आयुष ने शनिवार को हॉस्टल के कमरे में पंखे से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया. हालांकि पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, पुलिस मामले की जांच कर रही है.
IIT Delhi student commits suicide: इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे एक और छात्र ने पंखे से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया है. मामला इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) दिल्ली का है, जहां 23 फॉर्थ ईयर के स्टूडेंट ने शनिवार, 08 जुलाई 2023 को सुसाइड कर लिया. 23 वर्षीय आयुष उत्तर प्रदेश का रहने वाला था. हालांकि पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, इसलिए इस घटना के पीछे की वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
शनिवार देर रात थाना किशनगढ़ में आईआईटी दिल्ली में एक छात्र द्वारा आत्महत्या के संबंध में एक पीसीआर कॉल आई. मौके पर पहुंचने के बाद पता चला कि 20 वर्षीय आयुष आशना ने आईआईटी दिल्ली के उदयगिरी हॉस्टल में नायलॉन की रस्सी से लटककर आत्महत्या कर ली. वह बीटेक कर रहा था और अंतिम वर्ष की परीक्षा दी थी. मौके पर क्राइम टीम पहुंची लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला. परिजनों को सूचना दी गई और धारा 174 सीआरपीसी के तहत पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है.
आईआईटी जैसे संस्थानों में पढ़ रहे छात्रों के सुसाइड के मामले चिंताजनक हैं. इस साल इंजीनियरिंग छात्र की खुदकुशी का यह पांचवा मामला है. फरवरी में आईआईट बॉम्बे के छात्र दर्शन सोलंकी ने आईआईटी बॉम्बे के हॉस्टल की सातवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी. इसके बाद आईआईटी मद्रास के तीन छात्रों ने सुसाइड कर लिया था.
आईआईटी मद्रास में बीटेक तृतीय वर्ष के एक छात्र ने इसी साल मार्च में आत्महत्या कर ली थी. 02 अप्रैल को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास के एक पीएचडी छात्र ने तमिलनाडु के वेलाचेरी में अपने कमरे में आत्महत्या कर ली थी. पुलिस ने मीडिया को बताया था कि आत्महत्या करने वाला 32 वर्षीय छात्र पश्चिम बंगाल का रहने वाला था. इसके बाद 21 अप्रैल 2023 की दोपहर आईआईटी मद्रास में केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के एक स्नातक छात्र ने हॉस्टल के कमरे में सुसाइड कर लिया था.
IIT छात्रों द्वारा आत्महत्या के मामलों से चिंतित, IIT-दिल्ली ने, COVID-19 के दौर में छात्रों को स्टडी प्रेशर से प्रभावी ढंग से निपटने और इस तरह की आत्महत्या की प्रवृत्ति को दूर रखने में मदद करने के लिए अपने पाठ्यक्रम को नया रूप दिया था. संस्थान ने अपने पाठ्यक्रम को और संशोधित करने की प्रक्रिया शुरू की थी.

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