
एंट्री होते ही पासपोर्ट जब्त, फोटो खींचने, रात में घूमने पर मनाही... उत्तर कोरिया ट्रैवल के लिए खतरनाक देश क्यों है?
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उत्तर कोरिया और अमेरिका में लगातार तनाव बना रहता है. इस बीच एक अमेरिकी सैनिक बिना इजाजत लिए कोरिया पहुंच गया, जहां उसे हिरासत में ले लिया गया. फिलहाल सैनिक की वर्तमान लोकेशन की जानकारी अमेरिका तक के पास नहीं. ये तो फौजी था, लेकिन इस देश में सामान्य पर्यटकों का जाना भी सेफ नहीं माना जाता. यहां तक कि वहां बहुत से देशों की एंबेसी तक नहीं.
अमेरिका लगातार अपने लोगों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी करता है. वो बताता है कि किन देशों की यात्रा की जा सकती है और कहां जाना जोखिम ला सकता है. यूएस स्टेट डिपार्टमेंट लगातार इस लिस्ट को अपडेट भी करता है, जिससे देश ऊपर-नीचे भी होते रहते हैं. वहीं एक देश ऐसा है जो दशकों से रिस्की जोन में रखा हुआ है. नॉर्थ कोरिया के बारे में स्टेट डिपार्टमेंट का कहना है कि अमेरिकी लोग वहां सैर-सपाटे के लिए जाने से बचें.
क्या कहती है ट्रैवल गाइड
उत्तर कोरिया अमेरिका में लेवल 4 पर है, यानी वो देश, जहां जाने पर फंसने का डर रहता है, और अमेरिका चाहकर भी तब अपने लोगों की खास मदद नहीं कर सकेगा. ऐसा एक मामला साल 2016 में काफी चर्चा में रहा, जब एक अमेरिकी कॉलेज स्टूडेंट ऑटो फ्रेडरिक को घूमने के दौरान उत्तर कोरियाई जेल में डाल दिया गया. छात्र पर आरोप लगा कि उसने कोरिया के होटल से सरकारी पोस्टर चुराया है. करीब 17 महीने बाद जब फ्रेडरिक जेल से छूटा तो कोमा में था. उसी हालत में उसकी मौत हो गई.
टूरिस्ट हो जाते हैं गायब
अमेरिका ने दावा किया कि उसके कई टूरिस्ट नॉर्थ कोरिया में अज्ञात जगहों पर कैद हैं. ये दावा सच भी निकला क्योंकि साल 2018 में कई सैलानी डिटेंशन सेंटरों से छोड़े गए. नॉर्थ कोरियाई सरकार का आरोप था कि सभी ने कोई न कोई नियम तोड़ा था, जिसकी उन्हें सजा काटनी पड़ी.
नॉर्थ कोरिया और अमेरिका के संबंध इतने खराब हैं कि उस देश में अमेरिका की कोई एम्बेसी भी नहीं. अगर वहां अमेरिकी नागरिक फंस जाएं तो उन्हें स्वीडिश एम्बेसी से मदद लेनी होती है. कनाडा और ऑस्ट्रेलिया समेत ज्यादातर बड़े देश अपनी ट्रैवल एडवायजरी में उत्तर कोरिया जाने से मना करते हैं.

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