
'उमर खालिद का नाम साजिश से लेकर दिल्ली दंगों में शामिल', हाईकोर्ट ने फैसले में क्या-क्या कहा?
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दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में उमर खालिद की ओर से दायर जमानत याचिका खारिज कर दी है. दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस रजनीश भटनागर की बेंच ने मंगलवार को अपना फैसला सुना दिया. इस दौरान कोर्ट ने कहा कि उमर खालिद का नाम साजिश की शुरुआत से लेकर दंगों तक आया है.
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में कथित साजिश रचने और UAPA के तहत गिरफ्तार उमर खालिद की जमानत याचिका दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की.
जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस रजनीश भटनागर की बेंच ने फैसला सुनाया है. उमर खालिद ने निचली अदालत में जमानत अर्जी खारिज होने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए अर्जी दाखिल की थी.
हाईकोर्ट की 10 बड़ी बातें
1- हाईकोर्ट ने कहा कि दंगों की योजना बनाई गई थी. यह राजनीतिक संस्कृति या लोकतंत्र में विरोध नहीं था, बल्कि विनाशकारी और बेहद खतरनाक था.
2- पहले से तय योजना के मुताबिक उत्तर-पूर्वी दिल्ली में रहने वाले लोगों की आवश्यक सेवाओं को बाधित करने और असुविधा पैदा करने के लिए जानबूझकर सड़कों को अवरुद्ध किया गया था. जिससे दहशत और असुरक्षा की भावना पैदा हुई.
3- हाईकोर्ट ने कहा कि महिला प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस कर्मियों पर हमला किया गया. पुलिस का पीछा करना औऱ लोगों को दंगे में शामिल करना पूर्व नियोजित योजना का हिस्सा है. यह प्रथम दृष्टया आतंकवादी कृत्य प्रतीत होता है.

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