
'उपमुख्यमंत्री का टैग सिर्फ नाम का, शिंदे को जनता मानती है असली मुख्यमंत्री', शिवसेना सांसद का दावा
AajTak
शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद धैर्यशील माने के बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मच गई है. उन्होंने एकनाथ शिंदे को उपमुख्यमंत्री के बजाय मुख्यमंत्री मानने की बात कहकर महायुति गठबंधन में असंतोष उजागर किया है. धैर्यशील ने कहा कि ढाई साल में मेहनत से काम करके एकनाथ शिंदे ने लोगों के दिलों में जगह बना दी है.
महाराष्ट्र में एक बार फिर से महायुति के भीतर अंसतोष की अटकलें तेज हो रही हैं. शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद धैर्यशील माने ने चौंका देने वाला बयान दिया है. धैर्यशील ने कहा है कि सरकारी रिकॉर्ड में भले ही एकनाथ शिंदे डिप्टी मुख्यमंत्री हों, लेकिन आम जनता के दिलों में वह मुख्यमंत्री हैं. 2.5 साल में अपने काम के बदौलत उन्होंने लोगों के दिल में जगह बना ली है.
MP धैर्यशील माने ने क्या बयान दिया?
महाराष्ट्र के कोल्हापुर में आयोजित हातकणंगले शहर में आयोजित एक 'आभार सभा' संबोधित करते हुए कहा, '2.5 साल पहले जब यात्रा शुरू हुई तो लोग पूछ रहे थे कि एकनाथ शिंदे कौन है? लेकिन, अब स्कूल जाते बच्चे भी उन्हें देखते ही कहते हैं ‘शिंदे साहब आ गए. ढाई साल में एकनाथ शिंदे ने अपने काम से लोगों के दिल में जगह बना ली है. उन्होंने सिर्फ कुर्सी के लिए नहीं. बल्कि, राज्य के डेवलपमेंट के लिए काम किया है. सरकारी रिकॉर्ड में भले ही एकनाथ शिंदे डिप्टी मुख्यमंत्री हों, लेकिन आम जनता के दिलों में वह मुख्यमंत्री हैं'. आभार सभा में एकनाथ शिंदे मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे.
यह भी पढ़ें: एकनाथ खडसे ने गिरीश महाजन पर लगाया महिला IAS ऑफिसर के साथ संबंध का आरोप, मंत्री ने दी सबूत पेश करने की चुनौती
राजनीतिक संदेश और पृष्ठभूमि
महाराष्ट्र की राजनीति यह जगजाहिर है कि एकनाथ शिंदे सीएम पद न मिलने से नाराज थे और उन्होंने इसकी असहमति भी जताई थी. सांसद धैर्यशील माने के इस बयान से शिंदे गुट की नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है.

आज पूरी दुनिया में यही चर्चा है कि ईरान-अमेरिका युद्ध- रुकेगा या फिर महायुद्ध में बदल जाएगा. इस सवाल की वजह है युद्ध को लेकर अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप का दावा. ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले की नई डेडलाइन का एलान किया, वो भी ये कहते हुए कि ईरान की तरफ से युद्धविराम की पेशकश की गई है और दोनों देशों के बीच टेबल पर बातचीत जारी हैं. लेकिन ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को झूठ का पुलिंदा बताया. अब सवाल यही है कि पर्दे के पीछे क्या ईरान और अमेरिका में कोई बातचीत चल रही है, क्या जल्द युद्धविराम की संभावना है, या फिर ट्रंप के दावे में कोई दम नहीं.

ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश बेनकाब हुई है. पाकिस्तान को लेकर खुलासा हुआ है कि वो उसने अपने एजेंट्स की मदद से भारत में सीसीटीवी लगवाए, जिनके जरिए वीडियो पाकिस्तान भेजे जा रहे थे. गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम किया. पाकिस्तान ने इजरायल से सीख लेकर ऐसा किया. इजरायल ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर खामेनेई को लेकर अहम जानकारी जुटाई थी. देखें वीडियो.

डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को कन्फ्यूज कर दिया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप और उनके दावे हैं. वहीं दूसरी तरफ इन दावों को आंख दिखाती हकीकत. सवाल ये है कि जंग की बिसात पर ट्रंप कौन सा खेल खेल रहे हैं. जंग की शुरुआत से अबतक डोनाल्ड ट्रंप अपनी आदत के मुताबिक अपने बयान बदल रहे हैं. दुर्भाग्य ये है कि ये जंग है. पहले दिन से वो कह रहे हैं कि हम जीत रहे हैं. जंग के 25 दिन बाद हकीकत कुछ और है. लेकिन वो कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान को खत्म कर दिया है. फिर दबाव बढ़ाने के लिए उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया. वहीं अचानक ये कहकर दुनिया को चौंका दिया कि 5 दिन युद्धविराम. ट्रंप की इन बातों ने बता दिया है कि उनके दिमाग में घोर कन्फ्यूजन है.

पश्चिम एशिया में बिगड़े हालातों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की बातचीत हुई है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी. पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात हुई. भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. देखें वीडियो.

मोहम्मद बाघेर जोलघादर, ईरान के नए सुरक्षा रणनीतिकार होंगे. ईरान ने अली लारीजानी की जगह पर मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति का ऐलान किया है. ईरान के सरकारी चैनल IRIB के मुताबिक सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति को मंजूरी दी है. ईरान का ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब बातचीत के राष्ट्रपति ट्रंप के एकतरफा ऐलान के बावजूद ईरान पलटवार से रुका नहीं. ईरान के हमलों से आज तेल अवीव में रिहाइशी इमारतों की बर्बादी की तस्वीरें आईं. उधर, इजरायल ने ईरान के खोर्रमशहर और इशफाहान में ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए हैं. बीती रात हुए हमलों से साफ है कि बातचीत के लिए 5 दिनों की जो मोहलत ट्रंप ने दी, उसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा. इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और UAE भी युद्ध में उतर सकते हैं. सवाल है कि इस युद्ध पर फुलस्टॉप कैसे लगेगा? क्या बातचीत के लिए ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम है?








