
उत्तराखंड में त्रिवेंद्र के बाद कौन? आज BJP विधायक दल की बैठक, नए CM पर लगेगी मुहर
AajTak
पार्टी विधायकों द्वारा व्यक्त की गई नाराज़गी के बाद मंगलवार को त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. और अब बारी राज्य का नया मुख्यमंत्री चुने जाने की है, देहरादून में आज भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल की बैठक है. जिसमें नए नेता के नाम पर मुहर लग सकती है.
देवभूमि उत्तराखंड में सियासत बहुत ही तेज़ी से अपना रुख बदल रही है. पार्टी विधायकों द्वारा व्यक्त की गई नाराज़गी के बाद मंगलवार को त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. और अब बारी राज्य का नया मुख्यमंत्री चुने जाने की है, देहरादून में आज भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल की बैठक है. जिसमें नए नेता के नाम पर मुहर लग सकती है. विधायक दल की बैठक, सांसद भी रहेंगे मौजूद देहरादून में सुबह करीब 10 बजे उत्तराखंड बीजेपी के विधायक दल की मीटिंग होगी. केंद्रीय नेतृत्व ने दिल्ली से बतौर पर्यवेक्षक रमन सिंह, दुष्यंत गौतम को देहरादून भेजा है. इनके अलावा उत्तराखंड से चुने गए पांच सांसद भी इस दौरान मीटिंग में मौजूद रहेंगे.कौन बनेगा मुख्यमंत्री? बता दें कि सीएम पद की होड़ में सरकार में राज्यमंत्री रहे धनसिंह रावत को आगे माना जा रहा है. वह संघ के करीबी भी हैं, उनके नाम पर त्रिवेंद्र सिंह रावत की सहमति भी बताई जाती है. वहीं, अनिल बलूनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की पसंद माने जाते हैं. त्रिवेंद्र सिंह रावत के केंद्रीय नेताओं से मुलाकात के बाद बलूनी के साथ बैठक को उनके सीएम बनने की संभावना से जोड़कर देखा जा रहा है. सीएम पद के अन्य दावेदारों में केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और नैनीताल से सांसद, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट का नाम भी रेस में सामने आ रहा है.त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सौंपा था इस्तीफा पिछले करीब तीन दिनों से उत्तराखंड की राजनीति में हलचल चल रही थी. त्रिवेंद्र सिंह रावत भी दिल्ली में नेताओं के घर-घर जा रहे थे, लेकिन बीते दिन देहरादून पहुंचकर उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. त्रिवेंद्र सिंह रावत से जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये जानने के लिए आपको दिल्ली जाना पड़ेगा.
ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अहम चेहरा अली लारीजानी को इजरायल ने टारगेट किया है. हालांकि ये अब तक साफ नहीं है कि अली लारीजानी की स्थिति कैसी है. इजराइल का एक और बड़ा दावा है कि उसके हमले की जद में बसीज कमांडर भी आए हैं. दावे के मुताबिक बसीज पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी को भी निशाना बनाया गया. बसीज, ईरान की एक अहम पैरामिलिट्री फोर्स है, जो आंतरिक सुरक्षा और विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भूमिका निभाती है.

एक तरफ अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे है. वहीं दूसरी तरफ हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल की जंग जारी है. इजरायल ने एक बार फिर लेबनान में हमला किया. लेबनान की राजधानी बेरूत में इजरायली एयर फोर्स ने एयर स्ट्राइक की. हिज्बुल्लाह के ठिकानों को इजरायल ने निशाना बनाया, हमले के बाद बेरूत के कई इलाकों में धमाके की आवाज सुनी गई. हमले के बाद काला धुआं भी उठता देखा गया.

होर्मुज में तेल और गैस पर ईरान ने जो रोक लगा रखी है, उसकी सुरक्षा के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने मित्र देशों से युद्धपोत भेजने की गुहार लगाई है. लेकिन फ्रांस, जापान, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया ने युद्धपोत भेजने से इनकार कर दिया, यगां तक की यूके ने भी कहां वो अभी इसपर विचार विमर्श कर रहे है.

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक से सारे शहर में सन्नाटा पसरा है. जिस अस्पताल में कभी हजार से ज्यादा मरीज थे वो इमारत अब खंडहर में तब्दीर हो गई है. चारों ओर सिर्फ आग और धुंए का गुबार दिख रहा है. इस हमले से 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 250 से ज्यादा लोग घायल हो चुके है.









