
उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का लोगो और वेबसाइट लॉन्च
AajTak
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो उद्योग पहले से उत्तराखंड में स्थापित हैं, उन्होंने भी अपना विस्तार करने की बात कही है. इन्वेस्टर्स समिट केवल उद्योग विभाग का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सभी विभाग इससे जुड़े हैं. वस्तुतः यह समिट उत्तराखंड के सभी नागरिकों का है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लोगो और वेबसाइट को लॉन्च किया. शनिवार को देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समिट में लोगो और वेबसाइट को लॉन्च करते हुए कहा कि इस बार इन्वेस्टर्स समिट में 2 लाख 50 हजार करोड़ रूपए के निवेश का लक्ष्य रखा गया है. राज्य सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए नीतियों में सुधार भी किए हैं और नई नीतियों को भी लागू किया है.
विभिन्न क्षेत्रों के लिये 27 नीतियां प्रख्यापित की गई हैं. राज्य में 6 हजार एकड़ का लैंड बैंक भी तैयार किया गया है. गौरतलब है कि उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेर्स्टस समिट देहरादून में दिसम्बर माह में होने जा रहा है. राज्य सरकार ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं.
उद्योग जगत से लगातार संवाद कर रही सरकार उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेर्स्टस समिट के लोगो और वेबसाइट के अनावरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, उद्योग जगत और प्रमुख औद्योगिक संगठनों से लगातार सम्पर्क में है. इसी क्रम में 17 अगस्त को देहरादून में और 21 अगस्त को दिल्ली में प्रमुख उद्योगपतियों से संवाद किया गया. उद्योग जगत से मिल रहे सुझावों को बहुत ही प्रमुखता से लिया गया है. उसी आधार पर एमएसएमई नीति, सेवा क्षेत्र नीति, लॉजिस्टिक नीति, सोलर नीति, आदि में सुधार किया गया है.
पीस डेस्टिनेशन के साथ इंवेस्टमेंट डेस्टिनेशन भी बना उत्तराखंड मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों और निवेश के अनुकूल बने माहौल से उद्योगपतियों में बहुत उत्साह है. देवभूमि उत्तराखंड में सदियों से लोग शांति के लिए आते रहे हैं. प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, अब निवेशक भी यहां आने के लिये उत्साहित हैं. शांति और पर्यटन के डेस्टीनेशन के साथ ही उत्तराखंड प्रमुख इन्वेस्टमेंट डेस्टीनेशन भी बना है.
देश विदेश के लोग यहां से जुड़ना चाहते हैं. यहां के प्राकृतिक वातावरण, प्रभावी सिंगल विंडो सिस्टम, निवेश अनुकूल नीतियों, राष्ट्रीय राजधानी से निकटता, इन्फ्रास्ट्रक्चर के कारण उत्तराखंड निवेश के लिये प्रमुख केंद्र बन रहा है. ईज आफॅ डूंईंग बिजनेस में उत्तराखंड एचीवर्स श्रेणी में है. नीति आयोग द्वारा जारी निर्यात तैयारी सूचकांक में उत्तराखंड हिमालयी राज्यों में प्रथम स्थान पर जबकि सम्पूर्ण देश में 9 वें स्थान पर है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो उद्योग पहले से उत्तराखंड में स्थापित हैं, उन्होंने भी अपना विस्तार करने की बात कही है. इन्वेस्टर्स समिट केवल उद्योग विभाग का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सभी विभाग इससे जुड़े हैं. वस्तुतः यह समिट उत्तराखंड के सभी नागरिकों का है. राज्य में निवेश से रोजगार सृजन होगा, लोगों की आय में वृद्धि होगी और देश के विकास में उत्तराखंड प्रभावी भूमिका निभाएगा.

क्या अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है? ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे? हालांकि अमेरिका के लिए सब इतना आसान भी नहीं होने वाला, क्योंकि ईरान पूरी ताकत से मुकाबला करने के लिए तैयार है.

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए ओडिशा सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. बरगढ़ जिले के पद्मपुर में तैनात एक ओडिशा प्रशासनिक सेवा अधिकारी को रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित कर दिया है. जिला कलेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर यह कदम उठाया गया. राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग ने साफ किया है कि विभाग में भ्रष्टाचार के लिए 'जीरो टॉलरेंस' नीति लागू है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

आजतक से खास बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बीजेपी में दो विचारधाराओं की बात कही. उन्होंने बताया कि एक विचारधारा अत्याचारी प्रकृति की है जबकि दूसरी नहीं. उन्होंने बटुकों के सम्मान के लिए ब्रजेश पाठक की प्रशंसा की. साथ ही समाजवादी पार्टी और बीजेपी दोनों को राजनीतिक पार्टियों के रूप में बताया. सीएम योगी पर उन्होंने खुलकर वार किए. देखें वीडियो.

यह वीडियो भारत में हो रहे एआई समिट, उत्तर प्रदेश की राजनीतिक तनावपूर्ण सियासत और संघ परिवार की मुसलमानों की घर वापसी से जुड़ी राय पर केंद्रित है. सुंदर पिचाई ने भारत में टैलेंट की घर वापसी पर आशावादी विचार व्यक्त किए हैं. वहीं, उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण राजनीति और शंकराचार्य विवाद ने सियासी हलचल बढ़ाई है. साथ ही संघ प्रमुख और मुस्लिम नेताओं के बीच घर वापसी को लेकर बयानबाजी जारी है. देखें खबरदार.

सेंट्रल इंडिया के पूर्व माओवादी नेता भूपति ने लगभग 40 सालों के हथियारबंद संघर्ष के बाद 15 अक्टूबर 2025 को गढ़चिरोली में 60 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का ऐतिहासिक फैसला किया. 70 साल भूपति ने कहा कि देश की बदलती सामाजिक-राजनीतिक स्थितियों में सशस्त्र क्रांति अब व्यावहारिक नहीं रही. उन्होंने बताया कि संगठन 2013 के बाद जनता से कट चुका था, जिससे अंत की शुरुआत हुई.

अकोला में भाजपा के अकोट शहर अध्यक्ष को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से सिग्नल ऐप पर 2 करोड़ रुपये की रंगदारी की धमकी मिली है. धमकी मिलने के बाद पुलिस ने शहर अध्यक्ष की सुरक्षा बढ़ा दी है. सूत्रों के अनुसार, शुभम लोणकर नामक आरोपी पर शक है, जिसके गैंग से संबंध बताए जा रहे हैं. पुलिस तकनीकी जांच कर रही है, लेकिन आधिकारिक बयान देने से बच रही है.

माघ मेले के दौरान चोटी खींचने की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमाई है. डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस घटना को पूरी तरह से गलत और महापाप बताया है. उन्होंने इस कृत्य की निंदा करते हुए बटुकों को बुलाकर उनका सम्मान किया है. इस घटना को लेकर सियासत तेज हो गई है और अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है. इस मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे माहौल और गरमाता दिखाई दे रहा है.






