
ईरान में जंग की आहट तो नहीं? Air France और KLM ने इजरायल के लिए उड़ानें रद्द कीं
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मध्य पूर्व में बढ़ते सुरक्षा तनाव और ईरान के साथ संभावित टकराव की आशंका के बीच Air France और KLM ने इजरायल, दुबई और सऊदी अरब के लिए वीकेंड उड़ानें रद्द कर दी हैं. यह फैसला क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और अस्थिर हालात को देखते हुए लिया गया है.
मध्य पूर्व में ईरान को लेकर बढ़ते तनाव के बीच यूरोप की प्रमुख एयरलाइंस ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. फ्रांस की Air France और डच एयरलाइन KLM ने इजरायल, दुबई और सऊदी अरब के लिए अपनी उड़ानें कम से कम रविवार तक रद्द कर दी हैं. दोनों एयरलाइंस ने क्षेत्र में "सुरक्षा तनाव" का हवाला देते हुए यह फैसला लिया है.
Air France और KLM एक ही होल्डिंग कंपनी Air France-KLM के तहत संचालित होती हैं. कंपनियों की ओर से कहा गया है कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और हालात की लगातार समीक्षा की जा रही है.
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यह फैसला ऐसे समय में आया है जब जर्मनी की Lufthansa Group पहले ही इजरायल के लिए अपनी नाइट फ्लाइट्स को जनवरी के अंत तक रद्द कर चुकी है. Lufthansa Group में Lufthansa, SWISS, Austrian Airlines, Brussels Airlines और Eurowings जैसी बड़ी एयरलाइंस शामिल हैं. इससे पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस क्षेत्र में बढ़ते तनाव के दौरान उड़ानें सीमित कर चुकी हैं.
मध्य पूर्व में अमेरिका बढ़ा रहा सैन्य मौजूदगी
एयरलाइंस की उड़ानें रद्द करने का यह कदम उस वक्त उठाया गया है जब अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी और मजबूत कर दी है. अमेरिका ने ईरान में हालिया सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दमन को लेकर सख्त रुख अपनाया है और संभावित सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए हैं, जिससे क्षेत्र में नए टकराव की आशंका बढ़ गई है.

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच मिडिल ईस्ट वॉर से भी पहले से जंग चल रही है. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार टीटीपी जैसे आतंकी समूहों को पनाह दे रही है जो पाकिस्तान में हमले करते हैं. लेकिन तालिबान ने इन आरोपों को खारिज किया है. दोनों देशों का झगड़ना चीन के हितों के खिलाफ जा रहा है जिसे देखते हुए उसने एक प्रस्ताव रखा था. पाकिस्तान ने सामने से उसे खारिज कर दिया है.

भारत ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बिना भारतीय दूतावास की अनुमति और संपर्क के किसी भी जमीनी सीमा को पार करने की कोशिश न करें. दूतावास ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने पर लोगों को गंभीर लॉजिस्टिक और इमीग्रेशन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. यह सलाह अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच जारी की गई है. दूतावास ने भारतीयों से आधिकारिक संपर्क में रहने और हेल्पलाइन नंबरों पर मदद लेने की अपील की है. दूतावास ने कहा, 'हमें बताए बिना ईरान न छोड़ें'. दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 17वां दिन है. हर दिन बीतने के साथ ये जंग और भीषण होती जा रही है क्योंकि अब अमेरिका-इजरायल के हमलों का जवाब देने के लिए ईरान ने एडवांस मिसाइलों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. 28 फरवरी से चल रहे युद्ध में ईरान ने पहली बार अपनी सबसे आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक सेजिल से इजरायल को टारगेट किया है. सेजिल मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में माहिर है, इसी वजह से इसे डांसिंग मिसाइल भी कहा जाता है. ईरान की ओर से सेजिल मिसाइल का इस्तेमाल होने से युद्ध में और तेजी आने का साफ संकेत मिल रहा है.

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल के शहर तेल अवीव पर मिसाइल हमला हुआ है. सोशल मीडिया और सीसीटीवी फुटेज में वो पल कैद हुआ है जब ईरान की मिसाइल तेल अवीव की एक सड़क पर आकर गिरती दिखाई देती है. इज़रायल पुलिस के मुताबिक इस हमले में क्लस्टर वारहेड का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छोटे बम अलग-अलग जगहों पर गिरकर फटे और आसपास के कई इलाकों को नुकसान पहुंचा. देखें वीडियो.

क्या ईरान युद्ध में अमेरिका फंस गया है? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ट्रंप के लिए अब बड़ी चुनौती बन गया है. ट्रंप दावे तो बहुत करते हैं, लेकिन हकीकत ये है कि होर्मुज समुद्री मार्ग अभी भी बंद है. ईरान जिसे चाहता है उसके जहाज जाने देता है. बिना ईरान की सहमति के कोई जहाज वहां से नहीं निकल सकता. देखें श्वेता सिंह की ये रिपोर्ट.








