
ईरान भले जंग में अकेले लड़ रहा, लेकिन पर्दे के पीछे चीन ऐसे दे रहा साथ
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मिडिल ईस्ट तनाव में एक नया समीकरण तेजी से उभर रहा है. चीन भले दोस्त ईरान की सीधी मदद नहीं कर रहा लेकिन जंग में उसका रोल भी है. सैन्य तकनीक, ड्रोन, सैटेलाइट और संयुक्त अभ्यास के जरिए दोनों की साझेदारी गहरी होती जा रही है.
मिडिल ईस्ट के बदलते हालात में चीन और ईरान के रिश्ते लगातार मजबूत होते जा रहे हैं. पिछले कुछ वर्षों में यह सहयोग सिर्फ आर्थिक या कूटनीतिक ही नहीं बल्कि सैन्य क्षेत्र में भी बढ़ता दिखाई दे रहा है. अमेरिका, इजरायल और उसके सहयोगियों के बढ़ते दबाव के बीच चीन कई स्तरों पर ईरान की सैन्य क्षमता को अप्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष रूप से समर्थन करता रहा है.
सबसे पहले बात सैन्य तकनीक और उपकरणों की करते हैं. चीन वर्षों से ईरान को रक्षा तकनीक, मिसाइल से जुड़ी प्रणालियां और ड्रोन तकनीक विकसित करने में मदद करता रहा है. यह सहयोग ईरान को क्षेत्रीय शक्ति के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखने में मदद करता है.
ईरान की मदद का चीन को भी फायदा
इसका फायदा चीन को भी हुआ है. चीन ने इन हथियारों को विकसित करने में मदद की और ईरान ने इनका इस्तेमाल अमेरिका और इजरायल के खिलाफ किया, जिससे इनकी वॉर जोन में काबिलियत और कमियों का भी पता चला.
इसके अलावा दूसरा बड़ा क्षेत्र संयुक्त सैन्य अभ्यास का है. हाल के वर्षों में ईरान ने चीन और रूस के साथ कई संयुक्त नौसैनिक अभ्यास किए हैं. इन अभ्यासों के जरिए ईरान को आधुनिक युद्ध रणनीतियों और तकनीकी समन्वय का अनुभव मिलता है.
खासकर हिंद महासागर और ओमान की खाड़ी में होने वाले ये अभ्यास अमेरिका और उसके सहयोगियों को एक स्पष्ट संदेश भी देते हैं कि ईरान अकेला नहीं है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 17वां दिन है. हर दिन बीतने के साथ ये जंग और भीषण होती जा रही है क्योंकि अब अमेरिका-इजरायल के हमलों का जवाब देने के लिए ईरान ने एडवांस मिसाइलों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. 28 फरवरी से चल रहे युद्ध में ईरान ने पहली बार अपनी सबसे आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक सेजिल से इजरायल को टारगेट किया है. सेजिल मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में माहिर है, इसी वजह से इसे डांसिंग मिसाइल भी कहा जाता है. ईरान की ओर से सेजिल मिसाइल का इस्तेमाल होने से युद्ध में और तेजी आने का साफ संकेत मिल रहा है.

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल के शहर तेल अवीव पर मिसाइल हमला हुआ है. सोशल मीडिया और सीसीटीवी फुटेज में वो पल कैद हुआ है जब ईरान की मिसाइल तेल अवीव की एक सड़क पर आकर गिरती दिखाई देती है. इज़रायल पुलिस के मुताबिक इस हमले में क्लस्टर वारहेड का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छोटे बम अलग-अलग जगहों पर गिरकर फटे और आसपास के कई इलाकों को नुकसान पहुंचा. देखें वीडियो.

क्या ईरान युद्ध में अमेरिका फंस गया है? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ट्रंप के लिए अब बड़ी चुनौती बन गया है. ट्रंप दावे तो बहुत करते हैं, लेकिन हकीकत ये है कि होर्मुज समुद्री मार्ग अभी भी बंद है. ईरान जिसे चाहता है उसके जहाज जाने देता है. बिना ईरान की सहमति के कोई जहाज वहां से नहीं निकल सकता. देखें श्वेता सिंह की ये रिपोर्ट.

ईरान ने पहली बार अपनी घातक मिसाइल सेजिल का इस्तेमाल कर इजरायल पर हमला किया है. इस हमले से ईरान ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ 54वां चरण शुरु कर दिया है. IRGC के ऐरोस्पेस प्रमुख ने बताया कि सेजिल मिसाइल से कमांड और कंट्रोल केंद्रों पर मला किया. इस मिसाइल में ईरान के अंदर से इजरायल को निशाना बनाने की पूरी क्षमता है.









