
'ईरान पर हमला कर सकता है इजरायल', रिपोर्ट में बड़ा खुलासा! जानें दोनों देशों की दोस्ती- दुश्मनी की कहानी
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अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों में कहा गया है कि इजरायल ईरान के परमाणु संयंत्रों पर हमला कर सकता है. रिपोर्टों में कहा गया कि हमला ईरान के परमाणु प्रोग्राम को नुकसान पहुंचा सकता है और वो कई महीने पीछे जा सकता है. इजरायल पहले भी ईरान के परमाणु प्रोग्राम को अपना निशाना बनाता रहा है.
हमास-इजरायल के बीच संघर्ष विराम से मध्य-पूर्व में शांति लौटने की उम्मीद जताई जा रही है लेकिन हालिया इंटेलिजेंस रिपोर्टें इस उम्मीद पर पानी फेर रही हैं. अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि इजरायल ईरान के परमाणु प्रोग्राम को निशाना बना सकता है. बुधवार को वाशिंगटन पोस्ट ने कई इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स का हवाले से यह जानकारी दी है.
अखबार में कहा गया है कि बाइडेन प्रशासन के अंत और ट्रंप प्रशासन के शुरू होने के समय की कई खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, इस तरह के हमले से ईरान के परमाणु प्रोग्राम को झटका लगेगा और इस हमले से उबरने में ईरान को हफ्तों या महीनों लग जाएंगे. इसके साथ ही क्षेत्र में तनाव बढ़ेगा और एक बड़े संघर्ष का खतरा पैदा हो जाएगा.
इसी बीच व्हाइट हाउस नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रवक्ता Brian Hughes ने वाशिंगटन पोस्ट से बात करते हुए कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देंगे.
उन्होंने कहा, 'हालांकि, ट्रंप ईरान के साथ अमेरिका के लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों के समाधान के लिए शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत करना पसंद करते हैं, लेकिन अगर ईरान जल्द ही समझौता करने के लिए तैयार नहीं है, तो वह अनिश्चित काल तक इंतजार नहीं करेंगे.'
जनवरी में आई थी ईरान पर हमले की सबसे बड़ी खुफिया जानकारी
ईरान पर इजरायल के संभावित हमले की सबसे बड़ी खुफिया जानकारी जनवरी की शुरुआत में आई थी जिसे संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ और रक्षा खुफिया एजेंसी के खुफिया निदेशालय ने मिलकर तैयार किया था. जनवरी की खुफिया रिपोर्ट में चेतावनी दी गई थी कि इजरायल ईरान के Fordow और Natanz परमाणु संयंत्रों पर हमला करने की कोशिश कर सकता है.

इजरायल ने ईरान के इस्फहान स्थित नौसैनिक रिसर्च सेंटर पर हमला कर उसकी पनडुब्बी निर्माण क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचाया है. यह केंद्र नौसेना के लिए पनडुब्बियों और सिस्टम विकसित करने का प्रमुख ठिकाना था. इस कार्रवाई से ईरान की सैन्य क्षमता प्रभावित हुई है और क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है. दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की ओर मिसाइल दागने का दावा किया है.

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वे ईरान से बातचीत कर रहे हैं और होर्मुज स्ट्रेट की उसके साथ संयुक्त निगरानी करेंगे. एक महीने से ईरान पर कहर बरपा रहे ट्रंप पर किसी को विश्वास नहीं हो रहा है. दुनियाभर के मीडिया आउटलेट्स ये कयास लगा रहे हैं कि ट्रंप की तैयारी होर्मुज स्ट्रेट पर बड़े हमले की है. जहां ईरान ने नाकाबंदी की हुई है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान पर नया बयान देकर दुनिया को चौंका दिया है. ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है और वो समझौता करेंगे. साथ ही उन्होनें ये भी कहा कि ईरान ने अमेरिका को एक तोहफा दिया जो बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण है. ट्रंप ने आगे ये बाताया कि ये तोहपा तेल और गैस से जुड़ा है.










