
ईरान तनाव के बीच US ने उतारा मिसाइलों के लिए मोबाइल लॉन्चर, कतर एयरबेस पर ये है तैयारी
AajTak
मिडल ईस्ट में ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने कतर में अपने सबसे बड़े सैन्य अड्डे अल-उदैद पर सुरक्षा बढ़ा दी है. अमेरिकी सेना ने अपनी पैट्रियट मिसाइलों को स्थिर ठिकानों से हटाकर मोबाइल ट्रक लॉन्चरों पर तैनात कर दिया है.
मिडल ईस्ट में ईरान के साथ बढ़ते युद्ध के खतरों को देखते हुए अमेरिका ने अपने सिक्योरिटी सिस्टम को 'हाई अलर्ट' पर रखा है. कतर स्थित अमेरिका के सबसे बड़े सैन्य अड्डे, अल-उदैद की हालिया सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि अमेरिकी सेना ने अपनी घातक पैट्रियट मिसाइलों को स्थिर ठिकानों से हटाकर मोबाइल ट्रक लॉन्चरों पर तैनात कर दिया है.
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पैट्रियट मिसाइलों को आमतौर पर अर्ध-स्थिर स्टेशनों पर रखा जाता है, जिन्हें हटाना एक मुश्किल प्रक्रिया बताया जाता है. लेकिन अब इन्हें M983 भारी ट्रकों (HEMTT) पर लाद दिया गया है. इसकी वजह ये है कि मिसाइल अगर ट्रकों पर होंगी तो इन्हें किसी भी समय युद्ध क्षेत्र में तेजी से तैनात किया जा सकता है. इसके साथ ही अगर ईरान मिसाइल हमला करता है, तो ये ट्रक अपनी जगह बदल सकते हैं. इससे दुश्मन के लिए मिसाइल बेस को निशाना बनाना मुश्किल हो जाएगा.
सैटेलाइट तस्वीरों ने खोली पोल 'कंटेस्टेड ग्राउंड' के विश्लेषक विलियम गुडहिंड को सैटेलाइट फोटाज से पता चला है कि फरवरी में जनवरी के मुकाबले अमेरिकी अड्डों पर सैन्य हलचल काफी बढ़ गई है. तस्वीरों में स्पष्ट रूप से मिसाइलों को ट्रकों पर लदा हुआ देखा गया है, जो इस ओर इशारा करता है कि जोखिम का स्तर काफी बढ़ चुका है.
यह भी पढ़ें: अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम करने की कवायद तेज, देखें दुनिया आजतक
ईरान की जवाबी चेतावनी तनाव की मुख्य वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान पर बमबारी करने की धमकी है. इसके जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कड़ी चेतावनी दी है कि अगर ईरान की धरती पर एक भी हमला हुआ, तो वो पूरे क्षेत्र (इराक, कुवैत, सऊदी अरब, कतर और यूएई) में मौजूद किसी भी अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाने से पीछे नहीं हटेंगे.
यह भी पढ़ें: ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों की रेंज में कौन-कौन सा अमेरिकी बेस है?

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 17वां दिन है. हर दिन बीतने के साथ ये जंग और भीषण होती जा रही है क्योंकि अब अमेरिका-इजरायल के हमलों का जवाब देने के लिए ईरान ने एडवांस मिसाइलों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. 28 फरवरी से चल रहे युद्ध में ईरान ने पहली बार अपनी सबसे आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक सेजिल से इजरायल को टारगेट किया है. सेजिल मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में माहिर है, इसी वजह से इसे डांसिंग मिसाइल भी कहा जाता है. ईरान की ओर से सेजिल मिसाइल का इस्तेमाल होने से युद्ध में और तेजी आने का साफ संकेत मिल रहा है.

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल के शहर तेल अवीव पर मिसाइल हमला हुआ है. सोशल मीडिया और सीसीटीवी फुटेज में वो पल कैद हुआ है जब ईरान की मिसाइल तेल अवीव की एक सड़क पर आकर गिरती दिखाई देती है. इज़रायल पुलिस के मुताबिक इस हमले में क्लस्टर वारहेड का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छोटे बम अलग-अलग जगहों पर गिरकर फटे और आसपास के कई इलाकों को नुकसान पहुंचा. देखें वीडियो.

क्या ईरान युद्ध में अमेरिका फंस गया है? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ट्रंप के लिए अब बड़ी चुनौती बन गया है. ट्रंप दावे तो बहुत करते हैं, लेकिन हकीकत ये है कि होर्मुज समुद्री मार्ग अभी भी बंद है. ईरान जिसे चाहता है उसके जहाज जाने देता है. बिना ईरान की सहमति के कोई जहाज वहां से नहीं निकल सकता. देखें श्वेता सिंह की ये रिपोर्ट.

ईरान ने पहली बार अपनी घातक मिसाइल सेजिल का इस्तेमाल कर इजरायल पर हमला किया है. इस हमले से ईरान ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ 54वां चरण शुरु कर दिया है. IRGC के ऐरोस्पेस प्रमुख ने बताया कि सेजिल मिसाइल से कमांड और कंट्रोल केंद्रों पर मला किया. इस मिसाइल में ईरान के अंदर से इजरायल को निशाना बनाने की पूरी क्षमता है.









