
ईरान के सीक्रेट न्यूक्लियर अड्डे कहां-कहां हैं, जानिए किन जगहों पर यूएस-इजरायल उतार सकते हैं स्पेशल फोर्स
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ईरान के सीक्रेट न्यूक्लियर अड्डे नतांज (इस्फहान), फोर्डो (कुम), इस्फहान न्यूक्लियर सेंटर, पार्चिन, मिनजादेई, लविसान-शियन और अराक में हैं. ये पहाड़ों के अंदर 80-100 मीटर गहरी सुरंगों और टनलों में छिपे हैं. अमेरिका-इजरायल की स्पेशल फोर्स जैसे डेल्टा फोर्स, सायरेट मटकल, SEAL टीम 6 और शायेतेट 13 यहां उतरकर सेंट्रीफ्यूज, यूरेनियम स्टोर और हथियार नष्ट कर सकती हैं. युद्ध में ये मुख्य टारगेट हैं.
ईरान का परमाणु कार्यक्रम दुनिया का सबसे बड़ा रहस्य है. अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद भी ईरान ने कुछ गुप्त जगहों पर काम जारी रखा है. ये अड्डे पहाड़ों के अंदर, गहरी सुरंगों में या सैन्य इलाकों में छिपे हैं. युद्ध के दौरान हवाई हमलों से कई जगहें क्षतिग्रस्त हो गईं लेकिन कुछ सीक्रेट साइट्स अभी भी सुरक्षित बताई जा रही हैं. ऐसे में अगर जमीन पर ऑपरेशन की जरूरत पड़ी तो अमेरिका-इजरायल की स्पेशल फोर्स उतर सकती है.
नतांज न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स – ईरान का सबसे बड़ा यूरेनियम एनरिचमेंट सेंटर
नतांज फैसिलिटी ईरान के इस्फहान प्रांत में नतांज शहर के पास है. यह ईरान का मुख्य यूरेनियम संवर्धन प्लांट है जहां हजारों सेंट्रीफ्यूज लगे हैं. यहां ऊपर-नीचे दोनों स्तरों पर सुविधाएं हैं. जून 2025 के अमेरिकी-इजरायली हमलों में यहां का ऊपरी प्लांट पूरी तरह नष्ट हो गया और भूमिगत हिस्से को भी गंभीर नुकसान पहुंचा.
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पिक्सएक्स माउंटेन (Pickaxe Mountain) नाम की नई गुप्त जगह नतांज के ठीक 1.6 किमी दक्षिण में बन रही है. यह 100 मीटर गहरी सुरंगों वाली साइट है जहां नए सेंट्रीफ्यूज लगाने का काम चल रहा है. अगर यहां स्पेशल फोर्स उतरनी पड़ी तो अमेरिका की डेल्टा फोर्स (1st SFOD-D) या इजरायल की सायरेट मटकल (Sayeret Matkal) का इस्तेमाल हो सकता है. ये दोनों यूनिट गहरी सुरंगों में घुसकर सटीक ऑपरेशन करने में माहिर हैं.

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