
ईरान के राष्ट्रपति चुनाव के शुरुआती नतीजे, कट्टरपंथी सईद जलीली चल रहे हैं आगे
AajTak
Iran Presidential Election Results: ईरान में शुक्रवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट डाले गए थे. पिछले महीने राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की हेलिकॉप्टर हादसे में हुई मौत के बाद से ये पद खाली पड़ा था. राष्ट्रपति की दौड़ में कुल चार उम्मीदवार हैं. जो शुरुआती नतीजे सामने आ रहे हैं उसमें कट्टरपंथी जलीली आगे चल रहे हैं
ईरान के राष्ट्रपति चुनाव के शुरुआती नतीजों में कट्टरपंथी सईद जलीली आगे चल रहे हैं, जबकि सुधारवादी मसूद पेजेशकियन दूसरे नंबर पर हैं. ईरान में राष्ट्रपति चुनाव के लिए शुक्रवार को वोट डाले गए थे. ईरान के सरकारी टेलीविजन द्वारा बताए गए शुरुआती नतीजों में जलीली को सीधे तौर पर जीतने की स्थिति में नहीं दिखाया गया था, जिससे संभावित रूप से दूसरे चरण के चुनाव की स्थिति बन गई है.
जलीली को 10 मिलियन से अधिक वोट मिले, जबकि पेजेशकियन को 4.2 मिलियन वोट मिले. एक अन्य उम्मीदवार, संसद के कट्टरपंथी स्पीकर मोहम्मद बाघेर कलीबाफ को लगभग 1.38 मिलियन वोट मिले हैं. शिया धर्मगुरु मुस्तफा पूरमोहम्मदी को 80,000 से अधिक वोट मिले हैं.
चुनाव लड़ने के लिए 80 लोगों ने किया था आवेदन
मतदाताओं को तीन कट्टरपंथी उम्मीदवारों और हार्ट सर्जन, सुधारवादी पेजेशकियन के बीच चुनाव करना था. जैसा कि 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से होता आया है, महिलाओं और कट्टरपंथी बदलाव की मांग करने वालों को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया है और मतदान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त निगरानीकर्ताओं की कोई निगरानी नहीं थी.
यह भी पढ़ें: ईरान में राष्ट्रपति चुनाव के लिए हो रही वोटिंग, जानिए मैदान में उतरे 4 कैंडिडेट कौन हैं?
बता दें कि राष्ट्रपति पद के लिए कुल 80 लोगों ने आवेदन दिया था. लेकिन बाद में सिर्फ छह नामों पर मुहर लगी. तीन बार संसद स्पीकर रह चुके अली लारीजानी ने भी राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए आवेदन दिया था लेकिन उनके नाम पर भी मुहर नहीं लगी.

अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में हाल में एक संघीय अधिकारी की गोली से नर्स एलेक्स जेफ्री प्रेटी की मौत हो गई थी. जिसके बाद से अमेरिका में पुलिस और फेडरल एजेंसियों की कार्रवाई, विरोध-प्रदर्शनों में जाने वालों और आम नागरिकों की जान की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. इस बीच वॉशिंगटन में प्रेटी की याद में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला. देखें अमेरिका से जुड़ी 10 बड़ी खबरें.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.








