
ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट पर हुए विस्फोट में मरने वालों की संख्या हुई 40, आग बुझाने में जुटे फायर फाइटर्स
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ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, शनिवार को बंदर अब्बास पोर्ट के शाहिद राजाई खंड में हुए विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है. उन्होंने आगे बताया कि इस विस्फोट से आसपास के कई किलोमीटर तक की खिड़कियां टूट गईं, शिपिंग कंटेनरों की लोहे की पट्टियां टूट गईं और अंदर रखा सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया.
ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार को बताया कि ईरान के सबसे बड़े पोर्ट बंदर अब्बास में हुए भीषण विस्फोट में मरने वालों की संख्या कम-से-कम 40 लोगों की मौत हो गई और 1200 से ज्यादा लोग घायल हो गए. मीडिया ने बताया कि फायर फाइटर्स आग को पूरी तरह से बुझाने में जुटे हुए हैं.
सरकारी मीडिया के अनुसार, शनिवार को पोर्ट के शाहिद राजाई खंड में विस्फोट हुआ जो ईरान का सबसे बड़ा कंटेनर सेंटर है. विस्फोट से आसपास के कई किलोमीटर तक की खिड़कियां टूट गईं, शिपिंग कंटेनरों की लोहे की पट्टियां टूट गईं और अंदर रखा सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया.
'आग बुझाने में जुटे फायरकर्मी'
ये घटना उस वक्त हुई जब ईरान ओमान में संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ तीसरे दौर की परमाणु वार्ता कर रहा था. सरकारी मीडिया के अनुसार, रविवार रात तक प्रभावित क्षेत्र के विभिन्न भागों में आग लगती रही, तथा हेलीकॉप्टर और फायर विभाग के कर्मी आग बुझाने की कोशिश कर रहे हैं.
बताया जा रहा है ऐसा संदेह है कि अब्बास पोर्ट पर केमिकल के कारण भीषण विस्फोट हुआ, लेकिन इसका सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है. और ईरान के रक्षा मंत्रालय ने इंटरनेशनल मीडिया की उन रिपोर्टों का खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि ये विस्फोट मिसाइलों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ठोस ईंधन के गलत इस्तेमाल से जुड़ा हो सकता है.
मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने सरकारी टीवी को बताया कि ये रिपोर्टें दुश्मन के मनोवैज्ञानिक कैंपेन से प्रेरित हैं और कहा कि विस्फोट प्रभावित क्षेत्र में कोई सैन्य माल नहीं था.

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