
ईरान 'इकोनॉमिक लाइफलाइन' पर खो रहा कंट्रोल, बचाव के लिए हदें करेगा पार?
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अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर वैश्विक तनाव का केंद्र बन गया है. दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई इसी समुद्री रास्ते से गुजरती है. ईरान के लिए यह केवल व्यापारिक रास्ता नहीं, बल्कि उसकी नौसैनिक ताकत और क्षेत्रीय वर्चस्व की सबसे बड़ी रणनीतिक ढाल भी है.
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सैन्य टकराव जारी है, जिसने खाड़ी के हालात को और गंभीर बना दिया है. अमेरिकी नौसेना के एक्शन से अब प्रेशर पॉइंट यानी 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पर ईरान की पकड़ कमजोर होती दिख रही है. इसके बाद अब ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके हितों को नुकसान पहुंचा तो वह होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को रोक सकता है.
मतलब साफ है कि Strait of Hormuz पर कंट्रोल बनाए रखने के लिए ईरान किसी भी हद तक जा सकता है.
अब मिडिल ईस्ट में बढ़ते अमेरिका-ईरान तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर वैश्विक राजनीति और ऊर्जा सुरक्षा का केंद्र बन गया है. यह संकरा समुद्री मार्ग फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है.
दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 5वां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. इसलिए यहां होने वाली हर हलचल का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ता है.
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण गलियारा है. दुनिया का लगभग 20% तेल और 25% प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से गुजरती है, जिसमें सऊदी अरब, इराक, UAE और ईरान जैसे देशों का बड़ा हिस्सा शामिल है.
ईरान के लिए ये न केवल आर्थिक जीवनरेखा है, बल्कि नौसेना वर्चस्व का प्रमुख हथियार भी. ईरान की तटीय मिसाइलें, ड्रोन और छोटी तेज नौकाएं इस क्षेत्र में हमेशा तैनात रहती हैं और उसकी नौसेना की क्षमता को बढ़ावा देती हैं.

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच मिडिल ईस्ट वॉर से भी पहले से जंग चल रही है. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार टीटीपी जैसे आतंकी समूहों को पनाह दे रही है जो पाकिस्तान में हमले करते हैं. लेकिन तालिबान ने इन आरोपों को खारिज किया है. दोनों देशों का झगड़ना चीन के हितों के खिलाफ जा रहा है जिसे देखते हुए उसने एक प्रस्ताव रखा था. पाकिस्तान ने सामने से उसे खारिज कर दिया है.

भारत ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बिना भारतीय दूतावास की अनुमति और संपर्क के किसी भी जमीनी सीमा को पार करने की कोशिश न करें. दूतावास ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने पर लोगों को गंभीर लॉजिस्टिक और इमीग्रेशन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. यह सलाह अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच जारी की गई है. दूतावास ने भारतीयों से आधिकारिक संपर्क में रहने और हेल्पलाइन नंबरों पर मदद लेने की अपील की है. दूतावास ने कहा, 'हमें बताए बिना ईरान न छोड़ें'. दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 17वां दिन है. हर दिन बीतने के साथ ये जंग और भीषण होती जा रही है क्योंकि अब अमेरिका-इजरायल के हमलों का जवाब देने के लिए ईरान ने एडवांस मिसाइलों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. 28 फरवरी से चल रहे युद्ध में ईरान ने पहली बार अपनी सबसे आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक सेजिल से इजरायल को टारगेट किया है. सेजिल मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में माहिर है, इसी वजह से इसे डांसिंग मिसाइल भी कहा जाता है. ईरान की ओर से सेजिल मिसाइल का इस्तेमाल होने से युद्ध में और तेजी आने का साफ संकेत मिल रहा है.

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल के शहर तेल अवीव पर मिसाइल हमला हुआ है. सोशल मीडिया और सीसीटीवी फुटेज में वो पल कैद हुआ है जब ईरान की मिसाइल तेल अवीव की एक सड़क पर आकर गिरती दिखाई देती है. इज़रायल पुलिस के मुताबिक इस हमले में क्लस्टर वारहेड का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छोटे बम अलग-अलग जगहों पर गिरकर फटे और आसपास के कई इलाकों को नुकसान पहुंचा. देखें वीडियो.

क्या ईरान युद्ध में अमेरिका फंस गया है? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ट्रंप के लिए अब बड़ी चुनौती बन गया है. ट्रंप दावे तो बहुत करते हैं, लेकिन हकीकत ये है कि होर्मुज समुद्री मार्ग अभी भी बंद है. ईरान जिसे चाहता है उसके जहाज जाने देता है. बिना ईरान की सहमति के कोई जहाज वहां से नहीं निकल सकता. देखें श्वेता सिंह की ये रिपोर्ट.








