
'इस्लाम का गढ़ रहकर भी...', ईरान के नेता तुर्की पर क्यों झल्लाए, ट्रंप को भी दी नसीहत
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ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई के सलाहकार ने सीरिया में चल रहे गृहयुद्ध के बीच तुर्की को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि इस्लाम से जुड़ा लंबा इतिहास रखने वाला ईरान इजरायल और अमेरिका के जाल में फंस जाएगा, इसकी ईरान को उम्मीद नहीं थी.
सीरिया में चल रहे गृहयुद्ध के बीच ईरान ने तुर्की पर निशाना साधा है. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के वरिष्ठ सलाहकार अली वेलायती ने कहा है कि तुर्की अमेरिका और इजरायल के बिछाए जाल में फंस गया है जिसकी उनके देश को उम्मीद नहीं थी.
समाचार एजेंसी Tasnim को दिए एक इंटरव्यू में अली अकबर वेलयाती ने कहा, 'हमें उम्मीद थी कि हकन फिदान (तुर्की के विदेश मंत्री), जो खुफिया और विदेश नीति के क्षेत्र में एक अनुभवी व्यक्ति हैं, तुर्की की विदेश नीति की कुछ गलतियों को सुधार लेंगे. हालांकि, हमें उम्मीद नहीं थी कि इस्लाम से जुड़ा एक लंबा इतिहास रखने वाला तुर्की अमेरिका और इजरायल के बिछाए जाल में फंस जाएगा.'
उन्होंने कहा कि 'यह हैरानी की बात है कि इस तरह के काम तुर्की के लोगों के नाम पर किए जा रहे हैं जो पूरे इतिहास में इस्लाम पर अपनी स्थिति को लेकर अडिग रहे हैं.'
वेलायती ने आगे कहा कि ईरान अंत तक सीरिया की सरकार को अपना पूर्ण समर्थन देता रहेगा. उन्होंने कहा, 'आज, सीरिया के सहयोगियों की संख्या 2011 (सीरिया में युद्ध की शुरुआत) की तुलना में अधिक है. ईरान के अलावा, रूस, लेबनानी हिज्बुल्लाह, इराकी पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स, यमन में हूती और फिलिस्तीनी...ये सभी सीरिया और उसकी वर्तमान सरकार की क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करने में एकजुट हैं.'
सीरिया में ऐसा क्या हुआ कि तुर्की पर झल्लाया ईरान
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