
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में नवंबर से पहले हो सकते हैं आम चुनाव, रक्षा मंत्री ने दिए संकेत
AajTak
पूर्व पीएम इमरान खान और उनकी पार्टी PTI हर कीमत पर जल्द आम चुनाव चाहते हैं. खबर है कि इमरान अपनी मांग को लेकर पीएम शहबाज शरीफ से मुलाकात भी कर सकते हैं. हालांकि अभी तक कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है. इमरान रैलियां के जरिए भी सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संकेत दिए हैं कि नवंबर से पहले देश में आम चुनाव हो सकते हैं. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सहित सत्तारूढ़ पीएमएल-एन के नेता राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के साथ बैठक के लिए लंदन में हैं. बताया जा रहा है कि इस बैठक में जल्द चुनाव कराने को लेकर भी चर्चा सकती है. आसिफ ने बुधवार को बीबीसी ऊर्दू को दिए अपने इंटरव्यू में यह बात कही है.
नए सेना प्रमुख की नियुक्ति से पहले होंगे चुनाव
इंटरव्यू में रक्षा मंत्री से मौजूदा सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा के नवंबर में रिटायर होने के बाद अगले सेना प्रमुख की नियुक्ति के बारे में पूछा गया था, जिस पर उन्होंने कहा कि संभव है कि नए सेना प्रमुख की नियुक्ति से पहले चुनाव हो जाएं... संभव है कि नवंबर से पहले कार्यवाहक सरकार की जगह नई सरकार आ जाए.
90 दिन में सरकार गठन करने का है नियम
पाकिस्तान के संविधान के अनुसार, संसद भंग होने के बाद चुनाव कराने के लिए अधिकतम 90 दिनों की अवधि के लिए एक कार्यवाहक सरकार का गठन किया जाता है. मौजूदा नेशनल असेंबली का कार्यकाल अगले साल अगस्त में पूरा होगा.
सेवा विस्तार नहीं चाहते सेना प्रमुख बाजवा

ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा है. उन्होंने साफ कहा है कि अगर ग्रीनलैंड अमेरिका को नहीं दिया गया तो वे यूरोप के आठ बड़े देशों पर टैरिफ लगाएं जाएंगे. इस स्थिति ने यूरोप और डेनमार्क को ट्रंप के खिलाफ खड़ा कर दिया है. यूरोप और डेनमार्क ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ट्रंप के इस ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दावोस भाषण ने उस धारणा को तोड़ दिया कि वेस्टर्न ऑर्डर निष्पक्ष और नियमों पर चलने वाली है. कार्नी ने साफ इशारा किया कि अमेरिका अब वैश्विक व्यवस्था को संभालने वाली नहीं, बल्कि उसे बिगाड़ने वाली ताकत बन चुका है. ट्रंप के टैरिफ, धमकियों और दबाव की राजनीति के बीच मझोले देशों को उन्होंने सीधा संदेश दिया है- खुद को बदलो, नहीं तो बर्बाद हो जाओगे.







