
इमरान खान पर सस्पेंस के बीच उनकी आखिरी X पोस्ट क्या कहती है
AajTak
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं. उनकी गिरफ्तारी नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो ने अल-कादिर ट्रस्ट मामले में कथित भ्रष्टाचार के केस में की है. आरोप है कि इस मामले में इमरान ने अपनी पत्नी बुशरा बीबी के साथ मिलकर भ्रष्टाचार किया है.
एक ऐसे समय में जब पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करोड़ों समर्थक उनकी सेहत से जुड़ी किसी भी खबर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. जब उनकी पार्टी के हजारों कार्यकर्ता और परिवार के सदस्य इमरान के इंतजार में सांसें थामे बैठे हैं. जब हजारों पार्टी सहयोगी और परिजनों को उनकी एक झलक दिखने या उनरा एक शब्द सुनने का इंतजार है. ऐसे माहौल में इमरान खान की 24 दिन पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट कई अहम संकेत दे सकती है.
रावलपिंडी की अडियाला जेल में पांच नवंबर को अपनी बहन से मुलाकात के बाद उनकी ओर से एक्स पर यह टिप्पणी पोस्ट की गई थी. माना जा रहा है कि यही पोस्ट आज इमरान खान की मौजूदा स्थिति का संकेत दे रही है. इसके पीछे कौन हो सकता है और क्यों.
यह लगभग साफ है कि इमरान खान इस पोस्ट में किसकी ओर इशारा कर रहे थे. वह इस पोस्ट में सिर्फ एक आदमी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और वह है सेना प्रमुख आसिम मुनीर. इमरान ने अपनी पोस्ट में छह बार उनका जिक्र किया. इमरान खान का अदियाला जेल से पांच नवंबर का संदेश बहुत विस्फोटक था. इस पोस्ट में खान ने दावा किया था कि पाकिस्तान में संविधान या कानून का कोई शासन नहीं बचा है, वहां सिर्फ आसिम लॉ का राज चल रहा है.
इमरान खान ने आसिम मुनिर पर अकेले पूरे देश को चलाने का आरोप लगाया. उन्होंने मुनीर को इतिहास का सबसे अत्याचारी तानाशाह बताया, जो सत्ता की अपनी भूख मिटाने के लिए कुछ भी कर सकता है. खान ने कहा कि वह और उनकी पत्नी बुशरा बीबी हर तरह की क्रूरता का सामना कर रहे हैं लेकिन वह न तो झुकेंगे और न ही हार मानेंगे.
खान ने इस पोस्ट में अंत में कहा कि सारी ताकत एक ही आदमी के हाथों में है और उनकी पार्टी पीटीआई उस कठपुतली सरकार से बातचीत नहीं करेगी जिसे वह प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार कहते हैं.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









