
इमरान खान के खिलाफ फिर गैर-जमानती वारंट, 18 अप्रैल को पेश होने का आदेश, जानें पूरा मामला
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यह मामला पिछले साल इमरान खान के उस भाषण पर आधारित है, जिसमें उन्होंने एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज जेबा चौधरी और इस्लामाबाद के पुलिस अधिकारियों को कथित तौर पर धमकाया था. खान पर विभिन्न शहरों में कई मामले दर्ज हैं. उनकी अभी तक किसी भी मामले में गिरफ्तारी नहीं हो सकी है.
एक महिला जज को धमकाने के मामले में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है. इस मामले की सुनवाई कर रहे मजिस्ट्रेट मलिक अमान ने खान को निजी तौर पर पेशी से छूट दिए की याचिका खारिज कर दी.
जज ने इमरान खान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए उन्हें 18 अप्रैल को कोर्ट के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया. 24 मार्च की आखिरी सुनवाई में कोर्ट ने खान के गैर जमानत वारंट को जमानती वारंट में तब्दील कर दिया था. उन्हें 29 मार्च को अदालत के समक्ष पेश होना था लेकिन वह कोर्ट के समक्ष पेश नहीं हो सके थे.
इससे पहले वरिष्ठ सिविल जज राणा मुजाहिद रहीम ने 13 मार्च को उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था. यह मामला पिछले साल इमरान खान के उस भाषण पर आधारित है, जिसमें उन्होंने एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज जेबा चौधरी और इस्लामाबाद के पुलिस अधिकारियों को कथित तौर पर धमकाया था.
खान के खिलाफ पाकिस्तान पेनल कोड (पीपीसी) और एंटी टेररिज्म एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया. इसके अलावा इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की. लेकिन बाद में आतंकवाद की धाराएं हटा दी गईं.
क्या है इमरान खान पर आरोप?
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस्लामाबाद में जिला अदालत की सेशन जज जेबा चौधरी को धमकी दी थी. इमरान खान ने महिला जज जेबा चौधरी को धमकी भरे लहजे में उन्हें देख लेने को कहा था.

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