
इन 6 आदतों से घट जाती है इंसान की उम्र, आज ही त्यागने का लें संकल्प
AajTak
श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज का कहना है कि कुछ कर्म इंसान की आयु को कम करने के लिए जिम्मेदार होते हैं. आइए जानते हैं कि आखिर किन आचरणों से आयु का नाश होता है. ऐसे कौन से कर्म होते हैं जो हमारे लिए अशुभ फल देने वाले होते हैं.
संसार में हर मानव दीर्घायु का सुख भोगना चाहता है, लेकिन यह सुख हर किसी के भाग्य में नहीं लिखा है. श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज ने इस बारे में विस्तार से जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि आखिर किन आचरणों से आयु का नाश होता है. ऐसे कौन से कर्म होते हैं जो हमारी आयु को नष्ट कर देते हैं. ये कर्म केवल अकाल मृत्यु, भयंकर अशांति और दुख लेकर आते हैं.
1. ईश्वर और शास्त्रों की अवहेलना- प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि जो लोग ईश्वर में विश्वास नहीं रखते, शास्त्रों की अवहेलना करते हैं, नास्तिक बने रहते हैं, गुरु का अपमान करते हैं और दुराचारी बने रहते हैं, उनकी आयु बहुत कम हो जाती है.
2. चंचल चेष्टाएं- कुछ लोगों की सुबह की शुरुआत दांत से नाखून चबाने के साथ होती है. कुछ ऐसे भी हैं जो जूठे और अपवित्र आहार के साथ अपने दिन की शुरुआत करते हैं. बेवजह कागज या कपड़ा फाड़ना, बैठे-बैठे पैर हिलाना आदि जैसी चंचल चेष्टाएं भी आयु नष्ट होने का कारण होती है.
3. संध्याकाल में शयन या भोजन- जो लोग संध्याकाल में भोजन करते हैं या सोते रहते हैं, उनकी आयु भी क्षीण हो जाती है. शास्त्र कहते हैं कि जो व्यक्ति संध्याकाल में शयन करता है, भोजन करता है, व्यर्थ का भाषण और व्यर्थ की चेष्टाएं करता है, उसकी आयु नष्ट हो जाती है. जो इंसान संध्याकाल में देव आराधन, हरि आराधन, भगवत चिंतन और मंगल विधान करता है, निश्चित ही उसकी आयु बढ़ती है. लोक परलोक में सुख प्राप्त करता है.
4. ग्रहण या मध्यान्ह में सूर्य देखना- जो व्यक्ति ग्रहण या मध्यान्ह के समय सूर्य की ओर देखता है, उसकी आयु भी कम हो जाती है. इसके अलावा, अमावस्या, पूर्णिमा, चतुर्दशी, अष्टमी या एकादशी जैसी पवित्र तिथियों पर गृहस्थ को भी ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.
5. कठोर शब्द- दूसरे के मन को भेदने वाले वचन कभी मुंह से न निकालें. महाराज जी कहते हैं, 'बाण या किसी अस्त्र से शरीर घायल हो जाए तो औषधि लगाकर उसे भरा जा सकता है, लेकिन दुर्वचनरूपी बाण से जब किसी के हृदय को भेद दिया जाता है, तो उसे बहुत कष्ट होता है. शास्त्रों में ऐसी क्रिया को महापाप समझा जाता है और इसी वजह से ऐसे लोगों की आयु क्षीण हो जाती है.'

10-12 साल के लड़के और अश्लील कमेंट...जॉगिंग के दौरान युवती के साथ छेड़छाड़, वीडियो शेयर कर उठाए सवाल
बेंगलुरु के पास अवलाहल्ली जंगल में सुबह जॉगिंग कर रही रितिका सूर्यवंशी ने आरोप लगाया कि 10 से 13 साल के कुछ लड़कों ने उनके पहनावे और शरीर को लेकर अश्लील टिप्पणियां कीं. रितिका ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर बताया कि शुरुआत में उन्होंने बच्चों को नजरअंदाज किया, लेकिन जब बात बढ़ी तो उन्होंने उनका सामना किया.

Aaj 21 January 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 21 जनवरी 2026, दिन- बुधवार, माघ मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र दोपहर 13.58 बजे तक फिर शतभिषा नक्षत्र, चंद्रमा- कुंभ में, सूर्य- मकर में, विजय मुहूर्त- दोपहर 14.19 बजे से दोपहर 15.01 बजे तक, राहुकाल- दोपहर 12.33 बजे से दोपहर 13.52 बजे तक, दिशा शूल- उत्तर.

राजस्थान SOG ने OMR फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए RSSB के टेक्निकल हेड संजय माथुर समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि 2018 की तीन भर्ती परीक्षाओं में OMR शीट और रिजल्ट से छेड़छाड़ कर अयोग्य उम्मीदवारों के अंक बढ़ाए गए. जांच में फोटोशॉप के जरिए हेरफेर, रिश्वतखोरी और आपराधिक साजिश का खुलासा हुआ है. मामले में IPC, आईटी एक्ट और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज कर जांच जारी है.

वीवो भारतीय बाजार में एक नया फोन लॉन्च करने वाला है. कंपनी Vivo X200T को लॉन्च करेगी, जो 50MP + 50MP + 50MP के ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ आएगा. फोन को पावर देने के लिए 6,200mAh की बैटरी दी जा सकती है. इस फोन में MediaTek Dimensity 9400+ प्रोसेसर दिया जाएगा. आइए जानते हैं इस फोन की खास बातें और कब होगा लॉन्च.

Toll dues pending: नेशनल हाईवे पर सफर करने वालों के लिए सरकार ने टोल से जुड़े नियम और सख्त कर दिए हैं. अब टोल का बकाया होने पर वाहन से जुड़े कई कामों को करने ही अनुमति नहीं मिलेगी. बिना टोल टैक्स का भुगतान (Toll Payment) के वाहन मालिकों को एनओसी, फिटनेस सर्टिफिकेट और नेशनल परमिट जैसी सुविधाएं नहीं मिलेंगी.

हावर्ड के वर्चस्व को चीन से जबदस्त चुनौती मिल रही है. ये सिर्फ रैंकिंग का सवाल नहीं है, बड़ा प्रश्न ये है कि याने वाले समय में साइंस से जुड़े नियम कौन बनाएगा. क्योंकि चीन विज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञता की मुहल लगाने वाले के तौर पर हार्वर्ड की जगह लेने के लिए खुद को तैयार कर रहा है. इन सबके बीच भारत के सामने के सामने क्या विकल्प हैं - या तो अपनी खुद की अनुसंधान शक्ति को विकसित करना या किसी एक पर आश्रित बने रहना.







