
'इतिहास याद रखेगा कि भारतीय जमीन पर शुरू हुआ', मोदी सरकार के किस प्रोजेक्ट को सीतारमण ने बताया क्रांतिकारी
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साल 2024 का अंतरिम बजट पेश किया. अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने इंडिया-मिडिल-ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर का जिक्र किया. भारत को यूरोप से जोड़ने वाला यह कॉरिडोर बेहद अहम माना जा रहा है. इससे भारत का निर्यात बढ़ने की उम्मीद है.
Interim Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार के दिन मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट पेश किया. अपने अंतरिम बजट भाषण में वित्त मंत्री ने खासतौर से इंडिया मिडिल ईस्ट-यूरोप व्यापार कॉरिडोर (IMEC) का जिक्र किया और कहा कि कॉरिडोर आने वाले 100 सालों में वैश्विक व्यापार का आधार बनेगा.
वित्त मंत्री ने कहा, 'कोविड महामारी के बाद एक नई वैश्विक व्यवस्था उभर रही है. जब दुनिया बेहद मुश्किल दौर से गुजर रही थी, भारत ने जी20 की मेजबानी की. महामारी के कारण खाद्य संकट, उर्वरक, भोजन और वित्त की कमी से गुजरते विश्व में भारत ने सफलतापूर्वक अपना रास्ता निकाल लिया है.'
उन्होंने कहा, 'इंडिया मिडिल ईस्ट-यूरोप व्यापार कॉरिडोर जिसकी घोषणा पिछले साल जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान की गई थी, यह भारत और पूरे विश्व के लिए एक गेमचेंजर साबित होगा. विकसित भारत के लिए हमारा नजरिया प्रकृति के साथ चलकर समृद्धि हासिल करना और सभी को अपनी क्षमता तक पहुंचने का अवसर देना है.'
वित्त मंत्री ने कहा, "यह भारत के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है, पीएम मोदी के शब्दों को दोहराऊं तो अगले 100 सालों में ये कॉरिडोर विश्व व्यापार का यह आधार बनेगा. इतिहास याद रखेगा कि इस कॉरिडोर को भारतीय जमीन पर शुरू किया गया था."
क्या है IMEC?
IMEC भारत को मध्य-पूर्व के जरिए यूरोप से जोड़ने का एक मेगा प्रोजेक्ट है जिसे पिछले साल भारत में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान मंजूरी मिली थी. 9 सितंबर को इस प्रोजेक्ट के एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ और इसे एक ऐतिहासिक समझौता बताया गया. जिन देशों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किया उसमें भारत के अलावा अमेरिका, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), यूरोपीय यूनियन, फ्रांस, इटली और जर्मनी जैसे देश शामिल हैं.

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