
इजरायल-हमास जंग में सीजफायर के आसार, 80 बंधकों को रिहा करने पर बनी सहमति
AajTak
इजरायल और हमास जंग के बीच एक बड़ी खबर आई है. इजरायली मीडिया के हवाले से बताया जा रहा है कि इजरायल के साथ सीजफायर समझौते के तहत हमास 80 बंधकों को रिहा करने जा रहा है. बीते डेढ़ महीने से जारी इस जंग के बीच बंधकों की रिहाई के लिए कतर दरअसल इजरायल और हमास के बीच मध्यस्थता कर रहा है.
इजरायल और हमास जंग के बीच एक बड़ी खबर आई है. इजरायली मीडिया के हवाले से बताया जा रहा है कि इजरायल के साथ सीजफायर समझौते के तहत हमास 80 बंधकों को रिहा करने जा रहा है.
बीते डेढ़ महीने से जारी इस जंग के बीच बंधकों की रिहाई के लिए कतर दरअसल इजरायल और हमास के बीच मध्यस्थता कर रहा है.
सात अक्टूबर को रॉकेट हमले करने के बाद हमास के लड़ाके इजरायल में घुस आए थे. हमास के लड़ाकों ने करीब 250 नागरिकों को बंधक बना लिया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन बंधकों को हमास ने गाजा पट्टी में बनी सुरंगों में रखा था. हमास अब तक कई बंधकों को छोड़ चुका है. जबकि, उसका ये भी दावा है कि कई बंधक इजरायली हमले में मारे गए हैं.
सिर्फ इजरायली नागरिक ही नहीं हैं बंधक
हमास ने जिन लोगों को बंधक बनाया है, उनमें सिर्फ इजरायली नागरिक ही नहीं हैं. बल्कि दुनिया के कई देशों के नागरिक भी हैं. ज्यादातर बंधक वो हैं, जो 7 अक्टूबर को म्यूजिक फेस्टिवल में शामिल हुए थे. हमास ने यहीं से नागरिकों को बंधक बनाया था.
जानकारी के मुताबिक, हमास ने जिन देशों के नागरिकों को बंधक बनाया है, उनमें इजरायल के अलावा अमेरिका, थाईलैंड, जर्मनी, अर्जेंटिना, ब्रिटेन, फ्रांस, नीदरलैंड्स और पुर्तगाल के नागरिक भी शामिल हैं.

महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों के नतीजों के बीच शिवसेना (शिंदे गुट) नेता संजय निरुपम ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की पार्टियों पर तीखा हमला बोला है. निरुपम ने कहा कि मुंबई अब भाषा और प्रांत की राजनीति से आगे निकल चुकी है और उसे ज़हर भरे विचार नहीं बल्कि विकास चाहिए. उनके मुताबिक, मुंबईकरों ने एजेंडा तय कर दिया है. विकास, विकास और सिर्फ विकास.

MP water contamination: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की सेंट्रल जोन बेंच ने राज्य के शहरों में सीवेज मिश्रित पानी की सप्लाई को नागरिकों के जीवन के अधिकार का हनन माना है. ग्रीन एक्टिविस्ट कमल कुमार राठी की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस शिव कुमार सिंह की बेंच ने पूरे प्रदेश के नगर निगमों और प्रदूषण बोर्ड को कटघरे में खड़ा किया है.











