
इजरायल में आतंकी हमला? वाहन चालक ने लोगों को रौंदा, 10 घायल, पुलिसकर्मियों पर किया चाकू से वार
AajTak
जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार दोपहर को इजरायल में एक बस स्टॉप पर एक वाहन ने पैदल यात्रियों को टक्कर मार दी. हादसे में दस लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है. इजरायली पुलिस इस घटना की संभावित आतंकी हमले के तौर पर जांच कर रही है, क्योंकि हमलावर ने लोगों को कुचलने के बाद दो पुलिसकर्मियों पर भी चाकू से हमला किया. जिसमें दोनों पुलिसकर्मी वह घायल हो गए.
इजरायल में गुरुवार दोपहर को एक बस स्टॉप पर एक वाहन ने पैदल यात्रियों को टक्कर मार दी है. हादसे में 10 लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है. घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें गोली लगने से उसकी मौत हो गई. वहीं, इजरायली पुलिस इस घटना की संभावित आतंकी हमले के तौर पर जांच शुरू कर दी है.
जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार दोपहर को इजरायल में एक बस स्टॉप पर एक वाहन ने पैदल यात्रियों को टक्कर मार दी. हादसे में दस लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है.
एमडीए के प्रवक्ता जकी हेलर ने बताया कि घायलों में पांच पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं, जिनकी उम्र 20 से 70 के बीच है. इजरायली पुलिस ने आरोपी की पहचान कर ली है और घटना की संभावित आतंकी हमले के तौर पर जांच कर रही है.
'आरोपी का नहीं मिला पिछला आपराधिक रिकॉर्ड'
पुलिस ने बताया कि हमलावर की पहचान इजरायल के हैडा जिले के एक शहर माले आयरन के 24 वर्षीय इजरायली अरब के रूप में हुई है. उसका कोई पिछला आपराधिक या सुरक्षा रिकॉर्ड नहीं मिला है.
इजराइल की राष्ट्रीय आपातकालीन चिकित्सा सेवा मैगन डेविड एडोम (एमडीए) के अनुसार, ये घटना स्थानीय समयानुसार शाम 4.18 बजे राजमार्ग 65 पर परदेस हन्ना-करकुर चौराहे के पास हुई.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









