
इजरायल ने 12 ट्वीट्स में दिखाए 1000 रॉकेट्स, कहा- हम पर हुआ इतना अटैक
AajTak
इजरायल ने 12 ट्वीट के जरिए खुद के ऊपर छोड़े गए रॉकेट्स की संख्या को दिखाया है. इजरायल ने अपने ट्वीट्स में करीब एक हजार रॉकेट्स के इमोजी पोस्ट किए हैं. ये ट्वीट वायरल हो गए हैं.
इजरायल और फिलिस्तीन के बीच हर गुजरते दिन के साथ संघर्ष बढ़ता जा रहा है. इजरायली सेना ने हमास के रॉकेट के जवाब में हवाई हमलों की एक श्रृंखला शुरू की, जिसके बाद तबाही का मंजर देखा जा रहा है. इसी बीच इजरायल ने 12 ट्वीट के जरिए खुद के ऊपर छोड़े गए रॉकेट्स की संख्या को दिखाया है. इजरायल ने अपने ट्वीट्स में करीब एक हजार रॉकेट्स के इमोजी पोस्ट किए हैं. ये ट्वीट वायरल हो गए हैं. रॉकेट के इमोजी को लेकर सोशल मीडिया पर इजरायल की आलोचना भी हो रही है. रॉकेट के इमोजी वाले एक ट्वीट में इजरायल ने लिखा- "बस आप सभी को कुछ परिप्रेक्ष्य देने के लिए, ये इजरायली नागरिकों पर दागे गए रॉकेटों की कुल संख्या है." "इनमें से हर एक रॉकेट को मारने के लिए बनाया गया है. #IsraelUnderAttack.”
ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









