
'इजरायल को मान्यता नहीं, यात्रा पर लागू रहेंगे प्रतिबंध', पासपोर्ट मामले में बांग्लादेश की सफाई
AajTak
बांग्लादेश सरकार की ओर से बयान जारी कर यह साफ किया गया है कि इजरायल को लेकर उसके रुख में कोई बदलाव नहीं आया है. वह अब भी इजरायल को मान्यता नहीं देता है और यात्रा प्रतिबंध लागू रहेंगे.
बांग्लादेश के पासपोर्ट पर एक वाक्य लिखा होता था- इजरायल को छोड़कर. बांग्लादेश की सरकार ने 22 मई को अपने पासपोर्ट से यह वाक्य हटाने की घोषणा की थी. बांग्लादेश की सरकार के इस कदम को इजरायल के प्रति रुख में बदलाव की तरह देखा जा रहा था और इजरायल के विदेश मंत्रालय ने इसका स्वागत करते हुए राजनयिक संबंध स्थापित करने की वकालत तक कर डाली थी. अब, बांग्लादेश सरकार की ओर से बयान जारी कर यह साफ किया गया है कि इजरायल को लेकर उसकी नीति में, उसके रुख में कोई बदलाव नहीं आया है. वह अब भी इजरायल को मान्यता नहीं देता है और यात्रा प्रतिबंध लागू रहेंगे. बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉक्टर एके अब्दुल मोमेन ने रविवार को ढाका में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हमने पासपोर्ट से यह वाक्य हटाने का निर्णय छह महीने पहले ही ले लिया था जब हमने ई-पासपोर्ट लॉन्च किया था.
ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









