इजरायल को गाजा में मिली बड़ी कामयाबी, हमास की एंटी-टैंक मिसाइल यूनिट का प्रमुख ढेर
AajTak
इजरायली सेना ने दावा किया है कि हमास के 11 हजार ठिकाने अब तक ध्वस्त कर दिए गए हैं. इस बीच इजरायल को एक बड़ी कामयाबी मिली है. कारण, इजरायली वायु सेना के लड़ाकू जेट ने गाजा में हमास की एंटी-टैंक मिसाइल यूनिट के प्रमुख मुहम्मद असार को मार गिराया है.
इजरायल और हमास के बीच चल रही जंग को 26 दिन बीत चुके हैं. गाजा में अब तक 9000 से अधिक मौत हो चुकी है. सैकड़ों हमास के लड़ाके मारे गए हैं. इजरायली सेना ने दावा किया है कि हमास के 11 हजार ठिकाने अब तक ध्वस्त कर दिए गए हैं. इस बीच इजरायल को एक बड़ी कामयाबी मिली है. कारण, इजरायली वायु सेना के लड़ाकू जेट ने गाजा में हमास की एंटी-टैंक मिसाइल यूनिट के प्रमुख मुहम्मद असार को मार गिराया है.
इजरायली सेना ने इसकी घोषणा करते हुए कहा, "असार गाजा पट्टी में हमास की सभी एंटी-टैंक मिसाइल यूनिट्स को कमांड कर रहा था और आपात स्थिति में उनकी गतिविधियों में सहायता करता था. उसकी ही देखरेख में हमास ने नागरिकों और आईडीएफ सैनिकों के खिलाफ कई टैंक रोधी मिसाइल हमले किए गए.
इजरायल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने बुधवार को एक बयान में कहा, ''हम युद्ध के चरम पर हैं. गाजा शहर में निर्मित क्षेत्रों में तीव्र लड़ाई लड़ी जा रही है. आईडीएफ सैनिक अपने मिशन के प्रति प्रतिबद्धता दिखाते हुए साहस और दृढ़ संकल्प के साथ लड़ रहे हैं. आईडीएफ हमास को हराने की दिशा में प्रगति कर रहा है.
'युद्ध की भारी कीमत होती है'
उन्होंने लड़ाई के परिणामस्वरूप अपने सैनिकों को खोने वाले इजरायली परिवारों की बढ़ती सूची के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, "युद्ध की भारी कीमत होती है." उन्होंने कहा, आईडीएफ ने गाजा शहर में लक्ष्यों पर विभिन्न गोला बारूद के 10,000 से अधिक राउंड फायर किए हैं और हजारों टारगेट तबाह कर दिए गए हैं. साथ ही हजारों आतंकवादी मारे गए हैं.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.








