
इजरायल का यमन पर जबरदस्त प्रहार, बंदरगाहों को किया बुरी तरह क्षतिग्रस्त, हूती नेता को मारने की खाई कसम
AajTak
इज़राइल ने दावा किया है कि उसने शुक्रवार को यमन में हूती-नियंत्रित बंदरगाहों पर हमला किया और उन्हें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया है. रक्षा मंत्री ने एक बयान में हूती नेता अब्दुल मलिक अल-हूती का पता लगाने और उसे मारने की कसम खाई है.
इजरायल ने शुक्रवार को यमन के हूती नियंत्रित बंदरगाहों पर बड़ा हवाई हमला किया है और भारी नुकसान पहुंचाया है. इजरायल के रक्षा मंत्री इसराइल कैट्ज़ ने इस हमले की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि इजरायली सेना ने यमन के उन बंदरगाहों को जबरदस्त तरीके से क्षतिग्रस्त किया है, जो हूती आतंकी संगठन के नियंत्रण में हैं. उन्होंने हूती नेता को मारने की कसम खाई है.
रक्षा मंत्री इसराइल कैट्ज़ ने कहा, अगर हूती संगठन इजरायल पर मिसाइल हमले जारी रखता है तो उन्हें और उनके नेताओं को भी गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. जैसे हमने गाज़ा में हमास के सैन्य प्रमुख मोहम्मद देइफ, सिनवार्स (हमास नेता) और बेरूत में हसन नसरल्लाह (हिज़्बुल्लाह नेता), तेहरान में हनीयेह (हमास प्रमुख) पर हमला किया था, वैसे ही हम यमन में अब्दुल मलिक अल-हूती को भी निशाना बनाएंगे. हम किसी भी दुश्मन के खिलाफ अपनी ताकत से खुद का बचाव करना जारी रखेंगे.
नेतन्याहू ने क्या कहा...
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस कार्रवाई की सराहना की. उन्होंने कहा, हमारे पायलटों ने हूती आतंकियों के दो ठिकानों पर सफल हमला किया है. हम हौथियों को और नुकसान पहुंचाएंगे, जिसमें उनके नेता और वो बुनियादी ढांचा शामिल है, जिससे वे हमें नुकसान पहुंचाते हैं.
नेतन्याहू ने यह भी कहा कि हौथियों के पीछे ईरान का हाथ है. उन्होंने आगे कहा, हूती सिर्फ एक मोहरा हैं. उनके पीछे जो ताकत है, जो उन्हें समर्थन देती है और निर्देश देती है, वो ईरान है. हौथियों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और हम इजरायल की सुरक्षा बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे.
बंदरगाहों पर किया गया हमला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक नया दिलचस्प रिकॉर्ड और जुड़ गया है. पहले गुजरात के सीेम के रूप में और अब प्रधानमंत्री का पद संभालते हुए अपने 8 हजार 931 दिन पूरे करते हुए नया रिकर्ड बना लिया है. इस उपलब्धि के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह समेत अन्य नेताओं ने पीएम मोदी को बधाई दी.

मथुरा में फरसा वाले बाबा की मौत को लेकर फैली अफवाहों और बवाल के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया कि ये हत्या नहीं, बल्कि दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था और गौ तस्करी से इसका कोई संबंध नहीं है. अफवाहों के कारण इलाके में पथराव और हंगामा हुआ, जिसमें पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में लेकर जांच शुरू कर दी है.

मथुराक के कोसी कला इलाके में एक ट्रक से दूसरे ट्रक में हुई टक्कर में गौरक्षक चंद्रशेखर उर्फ फरसे वाले बाबा की मौत हो गई थी. इस मामले में घायल ट्रक चालक की भी इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई है. पुलिस का कहना है कि इस मामले को गौतस्करी कहकर अफवाह फैलाई गई और हाइवे जाम करने के साथ पथराव किया गया. इस पूरे मामले को लेकर केस दर्ज कर 13 लोगों को अरेस्ट किया गया है.










