
इजरायली सेना ने हमास के सुरंग नेटवर्क को उड़ाया, 25 मिनट तक ताबड़तोड़ हमले
AajTak
इजरायली सेना ने खान यूनिस और राफा के शहरों के आसपास चरमपंथियों के ठिकानों को निशाना बनाया. इजरायली सेना ने बताया कि 52 लड़ाकू विमानों ने चरमपंथियों के 40 अंडरग्राउड ठिकानों को निशाना बनाते हुए 25 मिनट तक बमबारी की.
फिलिस्तीन के खिलाफ अपनी कार्रवाई में इजरायल लगातार गाजा पट्टी पर एयरस्ट्राइक कर रहा है. बुधवार सुबह इजरायल के ताजा हवाई हमले में गाजा पट्टी में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई जबकि कई इमारतें ध्वस्त हो गईं. इजरायली सेना का कहना है कि हमास के रॉकेट हमलों के जवाब में उसने ये एयरस्ट्राइक की है. (फोटो-Getty Images) बुधवार तड़के इजरायल के एयरस्ट्राइक में गाजा में एक इमारत पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो गई जिसमें 40 लोग रहते थे. इस इमारत में रहने वाले लोगों ने बताया कि उनके मकान पर हमला से पहले दक्षिणी शहर खान यूनिस की इमारत पर अटैक हुआ. इसके बाद ये लोग भी अपने इमारत से बाहर आ गए. पांच मिनट बाद इनकी इमारत भी एयरस्ट्राइक में ध्वस्त हो गई. (फोटो-Getty Images)
ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









