
इजरायली सेना का उत्तरी गाजा को खाली करने का आदेश, ताजा हमले में 40 लोगों की मौत
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गाजा के जबालिया में इजरायली सेना के ऑपरेशन में महिलाओं और बच्चों समेत कई फिलिस्तीनियों की मौत हो गई. उनके शव अस्पतालों में पड़े हैं. दर्जनों घायल बच्चे बिना इलाज तड़प रहे हैं. मानवीय मदद भी इजरायली सेना नहीं पहुंचने दे रही है. इसकी संयुक्त राष्ट्र ने कड़ी निंदा की है.
इजरायल गाजा पर लगातार अपनी पकड़ को मजबूत करता जा रहा है. हर दिन इजरायली सेना कहर बनकर यहां के लोगों पर बरप रही है. हवाई हमलों में बड़ी संख्या में लोग मारे जा रहे हैं. मंगलवार को भी आईडीएफ का हमला जारी रहा, जिसमें 40 से अधिक लोगों की मौत हो गई. इस बीच इजरायली सेना के एक नए आदेश ने एक बार फिर हजारों लोगों को उनके घरों से बेघर कर दिया है. इजरायल ने अब उत्तरी गाजा में रह रहे लोगों को उनके घरों को खाली करने का आदेश दिया है.
दरअसल इजरायली सेना इन इलाकों में अपने ऑपरेशन को तेज कर रही है. यही कारण है कि लोगों को उनके घरों, अस्पतालों और शरणार्थी शिविरों से बाहर चले जाने का आदेश दिया गया है. गाजा की सड़कों पर अपने सामान ढोते हुए बड़ी संख्या में लोग दिखाई दे रहे हैं. उधर, एक तरफ जबाालिया के अस्पतालों में शवों के ढेर लगे हैं, तो दूसरी तरफ महिलाएं बच्चे जबालिया फिर से छोड़ने को मजबूर हैं. वहां से आ रही तस्वीरें किसी को भी विचलित कर सकती हैं.
फिलिस्तीनी चिकित्सा अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने उत्तरी गाजा में इजरायल के चल रहे हवाई और जमीनी अभियान में मारे गए एक दर्जन से अधिक लोगों के शव एकत्र किया है. इनमें 6 वो मृतक भी शामिल हैं, जो सोमवार को जबालिया शरणार्थी शिविर में पीने के लिए पानी लेने गए थे. यही नहीं इजरायली हमलों में कई लोग भी जबालिया के कमाल अदवान अस्पताल समेत कई अस्पतालों में भर्ती हैं. इजरायली सेना मानवीय मदद पहुंचाने में भी बड़ी रुकावट बनी हुई है.
बताया जा रहा है कि इजरायली सेना ने क्रूरता ने सारी हदें पार कर दी हैं. तबाह हो चुके जबालिया से पुरुषों को छोड़कर महिलाओं को इलाका छोड़ने का आदेश दे दिया गया है. इससे भूखे-प्यासी महिलाएं अपनी जान बचाने के लिए वहां से निकल पड़ी हैं. उनका कहना है कि सेना ने अस्पतालों और शरण स्थलों को घेर रखा है. इस बीच अमेरिका एक बार फिर गाजा में सीजफायर की कोशिशों में जुटा है. विदेश मंत्री ब्लिंकन मिडिल ईस्ट के दौरे पर हैं. युद्धविराम के लिए चर्चा करेंगे.
बताते चलें कि सोमवार को आईडीएफ के हमले में 33 फिलिस्तीनी मारे गए. इनमें 18 लोग जबालिया के रिफ्यूजी कैंप में मारे गए. इसके साथ ही बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए. इससे पहले रविवार को हुए इज़रायली हमले में 6 लोगों की मौत हो गई. इज़रायली सेना ने एक कार को निशाना बनाकर हमला किया. वहीं गाज़ा-लेबनान युद्धविराम को लेकर बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में जमकर विरोध किया गया. इजरायल हमास के खात्मे के नाम पर फिलिस्तीनियों को निशाना बना रहा है.
रविवार को मध्य गाजा में इजरायली सेना ने एक कार को निशाना बनाकर हवाई हमला किया, जिसमें 6 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए. इस हमले के बाद आसपास में अफरा-तफरी का माहौल नजर आया. इसके बाद आनन-फानन में घायलों और मृतकों को अल-अक्सा शहीद अस्पताल लाया गया, जहां पर मातम पसरा नजर आया. लोग अपनों के खोने के गम में खून के आंसू रोते नजर आए. थोड़ी देर बाद शवों को नमाज जनाजा के बाद सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया.

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