
इंस्टेंट नूडल्स से शुरुआत, अब भारत में बेचेंगे इलेक्ट्रिक कार! मिलिए VinFast के सीईओ से
AajTak
VinFast, वियतनाम की प्रमुख इलेक्टिक वाहन निर्माता कंपनी है. कंपनी के फाउंडर और सीईओ फाम नहत वुओंग (Pham Nhat Vuong) को भारतीय बाजार से काफी उम्मीदे हैं. वो यहां पर तमिलनाडु में इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए 2 बिलियन डॉलर का निवेश करने जा रहे हैं.
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है. बीते साल 2023 में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है. ग्राहकों की रूचि और बढ़ते डिमांड के चलते इंडियन मार्केट पर बहुतायत विदेशी कंपनियों की नज़रें गड़ी हुई हैं. अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार कंपनी Tesla भारत में एंट्री की योजना बना रही है. इसी बीच वियतनाम की कंपनी VinFast ने भी भारत में धमाकेदार एंट्री का प्लान बनाया है. कंपनी ने तमिलनाडु में इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए एक करार किया है.
इस एग्रीमेंट के तहत कंपनी तमिलनाडु में 2 बिलियन डॉलर (तकरीबन 1,66,21 करोड़ रुपये ) का निवेश करेगी. इस कंपनी के फाउंडर और CEO फाम नहत वुओंग (Pham Nhat Vuong) को भारतीय बाजार से काफी उम्मीदे हैं. शायद यही कारण है कि, साल 2017 में शुरू हुई इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी VinFast के लगातार घाटे में रहने के बावजूद वो भारत में एक बड़ा निवेश करने जा रहे हैं.
वुओंग अपने देश वियतनाम के पहले बिलेनियर और पैरेंट कंपनी विनग्रुप ज्वाइंट स्टॉक कंपनी के फाउंडर और चेयरमैन भी हैं. Vingroup, वियतनाम का सबसे बड़ा उद्योगिक ग्रुप है, जो टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री, रियल एस्टेट, रिटेल और स्वास्थ्य सेवा से लेकर हॉस्पिटैलिटी तक के बिजनेस में प्रमुख नाम है. इस ग्रुप की स्थापना 1993 में यूक्रेन में प्रॉपर्टी डेवलपर और उद्यमी वुओंग द्वारा टेक्नोकॉम के रूप में की गई थी और यह मूल रूप से खाद्य उत्पादों का उत्पादन कर रही थी.
कौन हैं फाम नहत वुओंग:
वुओंग का जन्म 5 अगस्त 1968 को हनोई में हुआ था, उनका परिवार उत्तर-मध्य वियतनाम के हा तेन्ह से आता है. उनके पिता वियतनामी सेना के एयर डिफेंस डिविजन में कार्यरत थें, और उनकी मां हाई फोंगर, जिनकी एक चाय की दुकान थी. जाहिर है कि उनके परिवार की आय बहुत कम रही होगी. वुओंग हनोई में पले-बढ़े और 1985 में किम लियन स्कूल से हाई-स्कूल की परीक्षा पास की.
1987 में, उन्होंने हनोई यूनिवर्सिटी ऑफ माइनिंग एंड जियोलॉजी में एडमिशन लिया और उन्हें मॉस्को जियोलॉजिकल प्रॉस्पेक्टिंग इंस्टीट्यूट में आगे की पढ़ाई के लिए रूस गएं. मेधावी होने के नाते उन्हें छात्रवृत्ति भी मिली और साल 1992 में इस विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की. स्नातक होने के बाद, उन्होंने अपनी पुरानी मित्र, फ़ाम थू हंगंग (Phạm Thu Hungng) से शादी की, जिन्हें वे हाई स्कूल के समय से जानते थे, और खार्किव, यूक्रेन चले गएं.

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












