
इंदौर लोकसभा चुनाव 2024 में बने 3 रिकॉर्ड, जानिए वोटर्स ने कैसे चौंकाया
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इंदौर सीट पर NOTA को 2 लाख 18 हजार 674 वोट मिले हैं जो कि एक नया रिकॉर्ड है. इससे पहले 2019 के लोकसभा चुनाव में बिहार के गोपालगंज में नोटा को 51 हजार 660 वोट मिले थे. ऐसे में रिकॉर्ड के लिए पहचान रखने वाले इंदौर ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया.
मध्य प्रदेश की सभी 29 सीटों पर जीत दर्ज कर बीजेपी ने नया रिकॉर्ड बनाया है. लेकिन इस क्लीन स्वीप की सबसे बड़ी जीत इंदौर में दर्ज हुई है. एमपी के मिनी मुंबई में बीजेपी प्रत्याशी शंकर लालवानी ने निकटतम प्रतिद्वंदी को 11 लाख 75 हजार 92 वोटों से हराया है. लेकिन इसी इंदौर में एक और रिकॉर्ड भी बना और वो रिकॉर्ड NOTA को मिले सबसे ज्यादा वोटों का है. हालांकि, देश में सबसे ज्यादा वोट भी शंकर ललवानी को ही मिले हैं जो कि एक और रिकॉर्ड है.
इंदौर सीट पर NOTA को 2 लाख 18 हजार 674 वोट मिले हैं जो कि एक नया रिकॉर्ड है. इससे पहले 2019 के लोकसभा चुनाव में बिहार के गोपालगंज में नोटा को 51 हजार 660 वोट मिले थे. ऐसे में रिकॉर्ड के लिए पहचान रखने वाले इंदौर ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया.
दरअसल, इंदौर से कांग्रेस के उम्मीदवार अक्षय कांति बम ने नामांकन वापस लेने के साथ ही बीजेपी जॉइन कर ली थी. जिसके बाद इस सीट पर बीजेपी के सामने मुकाबला ही नहीं बचा था लेकिन कांग्रेस ने साफ कर दिया था कि वो नोटा का बटन दबाने का अभियान चलाएगी और इस तरह इंदौर ने सबसे ज्यादा नोटा को वोट देने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया.
सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड इंदौर ने एक और रिकॉर्ड बनाया और वो है देश में सबसे बड़ी जीत का. दरअसल, बीजेपी के सामने यहां कोई चुनौती नहीं थी और माना जा रहा था कि बीजेपी यहां बड़े अंतर से जीतेगी लेकिन जब नतीजा आया तो वो देश में सबसे ज्यादा अंतर से जीत का रिकॉर्ड बना गया. बीजेपी के शंकर ललवानी ने यहां 11 लाख 75 हज़ार 92 वोटों के अंतर से बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी को हरा दिया. सिर्फ यही नहीं, देश में किसी एक उम्मीदवार को सबसे ज्यादा वोट मिलने का रिकॉर्ड भी ललवानी के नाम ही रहा, जिन्हें 12 लाख 26 हज़ार 751 वोट मिले.

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