
आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में भारतीय कंपनियों ने बढ़ाए मदद के हाथ
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श्रीलंका में मौजूद भारतीय कंपनी न सिर्फ कर्मचारियों की मदद के लिए आगे आ रही हैं, बल्कि आसपास के लोगों की भी मदद कर रही हैं.
श्रीलंका इन दिनों आर्थिक संकट से जूझ रहा है. ऐसे में भारत सरकार ने अपने पड़ोसी देश के लिए मदद के हाथ आगे बढ़ाए हैं. भारत ने श्रीलंका को एक बिलियन डॉलर की क्रेडिट लाइन की सहायता जारी की है. इतना ही नहीं भारत से खाद्यान्न, पेट्रोल, डीजल और दवाइयां भी श्रीलंका भेजी जा रही हैं. इसके साथ ही अब भारतीय कंपनियां भी मुश्किल की घड़ी में मदद के लिए आगे आई हैं. श्रीलंका में मौजूद भारतीय कंपनी न सिर्फ कर्मचारियों की मदद के लिए आगे आ रही हैं, बल्कि आसपास के लोगों की भी मदद कर रही हैं. कोलंबो से दक्षिण श्रीलंका की तरफ शहर से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित डायमंड हार्बर कंपनी के एमडी संजय बेद अपने कर्मचारियों को फंड से लेकर खाद्यान्न तक की मदद दे रहे हैं. दूसरी कंपनियां भी मदद के लिए आगे आई हैं.
दरअसल, 11 अप्रैल से श्रीलंका में सिंघली तमिल नववर्ष की शुरुआत हो रही है. आर्थिक संकट से घिरे हुए श्रीलंका में यह नया साल बड़ा फीका हो सकता है. आवश्यक वस्तुओं की कमी तो है ऊपर से महंगाई 3 से 4 गुना बढ़ गई है. संजय बेद ने आजतक से बातचीत करते हुए कहा कि इस नववर्ष के मौके पर न सिर्फ कंपनी के कर्मचारियों को 20 किलो खाद्यान्न के साथ तमाम आवश्यक वस्तुएं दी जा रही हैं. इसके अलावा कंपनी ने आसपास के कुल 15 सौ परिवारों को मदद दी है, ताकि उनका नव वर्ष फीका न रहे.
इससे पहले कोरोना संक्रमण के दौरान भारतीय कंपनियों ने श्रीलंका में स्थानीय लोगों की मदद की थी और अब आर्थिक संकट की घड़ी में भी न सिर्फ अपने कर्मचारियों बल्कि आसपास के लोगों की कंपनियां मदद कर रही हैं.

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