
आपराधिक साजिश, गैर इरादतन हत्या या लापरवाही से मौत... दो करीबियों की गिरफ्तारी से सुलझेगी जुबीन की डेथ मिस्ट्री!
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असम के गायक जुबीन गर्ग की मौत के 12 दिन बाद पहली गिरफ्तारी हुई. मैनेजर और फेस्टिवल ऑर्गेनाइजर पकड़े गए. पत्नी गरिमा सैकिया ने CID जांच की मांग की. SIT गठित हुई और अब CBI जांच तक की चर्चा है.
Zubeen Garg Mysterious Death Case: असम की आवाज़ यानी जुबीन गर्ग की मौत के 12 दिन बाद पहले दो लोगों को गिरफ्तार किया गया. जिनमें एक जुबीन गर्ग का मैनेजर था और दूसरा सिंगापुर में हुए नार्थ ईस्ट इंडिया कल्चरल फेस्टिवल का आयोजक. इन दोनों को दिल्ली और गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया. जुबीन गर्ग की पत्नी ने इस मामले में जो FIR दर्ज कराई है, उसमें भी इन दोनों लोगों के नाम शामिल हैं. इस दौरान असम पुलिस ने दस काबिल अफसरों के साथ एक एसआईटी की टीम गठित की है.
19 सितंबर 2025 इसी दिन सिंगापुर में वो वीडियो शूट किया गया था, जिसमें असम की आवाज के नाम से पहचाने जाने वाले सिंगर जुबीन गर्ग आखिरी बार जिंदा नजर आ रहे थे. वीडियो उस वक्त का है, जब जुबीन गर्ग एक यॉट यानि नाव से पानी में छलांग मारते हैं. उस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ देर पानी में रहने के बाद जुबीन पानी में तैर रहे एक ट्यूब को पकड़ने की कोशिश करते हैं. लेकिन वो पकड़ नहीं पाते और पानी में ही गिर जाते हैं. कुछ पल के लिए ऐसा लगा मानों वो बेजान से पानी के ऊपर पड़े हुए हैं. जिस वक्त जुबीन इस यॉट से पानी में तैराकी के लिए उतरे थे, तब वहां जुबीन के उस आखिरी पल के गवाह काफी लोग थे. उस वीडियो के आगे भी बहुत कुछ होता है. लेकिन क्या होता है ये नहीं पता.
जवाब मांगते कई सवाल उन आखिरी पलों में जुबीन के साथ क्या कुछ हुआ? उन्हें बचाने के लिए क्या किया गया? वो पानी में किसकी मर्जी से उतरे? क्या वो पानी में खुद उतरना नहीं चाहते थे? और क्या जुबीन को पानी और आग से फोबिया था? यही वो सवाल हैं, जिनके जवाब पूरे असम के साथ साथ खुद जुबीन गर्ग की पत्नी गरिमा सैकिया जानना चाहती हैं.
सीआईडी जांच की मांग गरिमा सैकिया गर्ग को लगता है कि उस आखिरी पल में जो 10-12 लोग उस यॉट या नाव पर थे, उन सबसे पूछताछ होनी चाहिए. वो सभी एक तरह से शक के घेरे में आते हैं. इनमें जुबीन गर्ग के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और सिंगापुर में 19,20 और 21 सितंबर को होने वाले नॉर्थ ईस्ट कल्चरल फेस्टिवल के ऑर्गेनाइजर श्यामकानू महंता का नाम भी शामिल है. 28 सितंबर को जुबीन गर्ग की पत्नी गरिमा ने एक ईमेल के जरिए सीआईडी को जुबीन की मौत की जांच करने के लिए शिकायत भेजी थी. इस शिकायत पत्र पर गरिमा के अलावा उनकी बहन और चाचा के भी दस्तखत हैं.
जांच के लिए एसआईटी का गठन गरिमा सैकिया की इसी शिकायत के बाद असम के डीजीपी ने सीआईडी की 10 लोगों की एक स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम बनाई है. जो जुबीन गर्ग की मौत की जांच करेगी. जुबीन की मौत को लेकर असम के अलग अलग इलाकों में जो 60 एफआईआर दर्ज हुई हैं, वो सभी मामले भी अब सीआईडी के स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम ही देखेगी.
आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस एसआईटी ने केस दर्ज करते ही सबसे पहले जुबीन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और ऑर्गेनाइजर श्यामकानू महंता समेत 10 लोगों को नोटिस जारी कर उन्हें 6 अक्टूबर से पहले सीआईडी के सामने हाजिर होने को कहा है. इतना ही नही सिद्धार्थ शर्मा और श्यामकानू महंता के नाम लुकआउट नोटिस भी जारी कर दिया गया ताकि अगर वो सिंगापुर में हो तो वहां से कहीं और ना भाग सकें. लेकिन ऐसा हुआ नहीं.

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