
आधी रात को खिड़की पर खट- खट, पोती को गोद में लेकर महिला ने खोला दरवाजा, दोनों को मिली दर्दनाक मौत
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तमिलनाडु के वलपराई में जंगली हाथी के हमले में दादी-पोती की मौत हो गई. देर रात खिड़की पर आहट सुनकर महिला ने पोती को गोद में लेकर दरवाजा खोला, तभी हाथी ने उन पर हमला कर दिया. बच्ची की मौके पर मौत हो गई, जबकि महिला ने अस्पताल में दम तोड़ दिया. वन विभाग ने हाथी को मौके से भगाया.
तमिन नाडु के वलपराई में एक डरा देने वाली घटना में दादी पोती की दर्दनाक मौत हो गई. घटना रविवार रात की है. यहां एक घर में अपनी पोती के साथ सो रही बुजुर्ग महिला को देर रात 3.45 बजे खिड़की पर तेज आहट सुनाई दी. देखने के लिए महिला ने बच्ची को गोद में उठाया और दरवाजा खोलने चल पड़ी. इसके बाद जो हुआ वह डरा देने वाला है.
दरअसल, महिला ने जैसे ही दरवाजा खोला तो एक जंगली हाथी ने उसपर और उसकी पोती पर हमला कर दी और उनको कुचलकर मौत के घाट उतार दिया. इस इलाके में हाथियों के झुंड को अक्सर भोजन की तलाश में वन क्षेत्र से निकलते, राशन की दुकानों और घरों में घुसकर रखे हुए चावल खाते देखा जाता है. जंगली हाथियों के झुंड को रिहायशी इलाकों में घुसने से रोकने के लिए एंटी पोचिंग गार्ड तैनात किए गए थे और झुंड की गतिविधियों पर नज़र रखते हुए इलाके के लोगों को रात में घर के अंदर रहने की सलाह दी गई थी.
रविवार रात, हाथियों का एक झुंड ऊमैयांडी मुदक्कू एस्टेट में घुस आया. मजदूरों के क्वार्टर में दो घर थे, जिनमें से एक खाली था और दूसरे में असला नाम की महिला अपनी पोती हेमश्री के साथ रहती थी. घटना की रात असला ने खिड़की पर दस्तक सुनी. उसने अपनी पोती को उठाया और यह सोचकर दरवाजा खोल दिया कि शायद कोई आया है.
लेकिन वहां मौजूद जंगली हाथी ने तुरंत उस पर हमला कर दिया और उसको और बच्ची को कुचल दिया जिससे बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई. वन रक्षक मौके पर पहुंचे, हाथी को भगाया और गंभीर रूप से घायल असला को सरकारी अस्पताल पहुंचाया जहां उसकी मौत हो गई.

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