
आतिशबाजी इफेक्ट: 7 साल में सबसे स्वच्छ लेवल पर आई थी दिल्ली की हवा, रात भर के पटाखों ने फिर से 'जहर' कर दिया
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दिल्ली में दिवाली की रात के बाद प्रदूषण स्तर एक बार फिर से बहुत खराब कैटेगरी में पहुंच गया है. रविवार शाम को दिल्ली की हवा सात सालों में सबसे स्वच्छ थी. लेकिन जैसे जैसे दिवाली की रात नजदीक आई प्रदूषण का कांटा रेड जोन की ओर बढ़ता गया और सोमवार की रात दिल्ली फिर से हांफने लगी.
दिल्ली में दीपावली के बाद की सुबह प्रदूषण का गंभीर खतरा लेकर आई है. दिल्ली-एनसीआर में रातभर की आतिशबाजी के बाद हवा की क्वालिटी बताने वाला एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) वैरी पुअर (बहुत खराब) की कैटेगरी में पहुंच गया है. देर रात को आतिशबाजी की वजह से दिल्ली का एक्यूआई रेड जोन में चला गया.
दिल्ली में हवा की क्वालिटी पिछले 36 घंटे में कैसे बदली इसे आंकड़ों से समझा जा सकता है. रविवार की शाम को दिल्ली का औसत AQI 259 था. ये दिवाली से पहले दिल्ली में पिछले सात सालों की सबसे शुद्ध हवा थी. 2018 में दिवाली के दिन दिल्ली का AQI 281 रिकॉर्ड किया गया था.
ऐसे खराब होता चला गया AQI
लेकिन इस साल जैसे जैसे दिवाली की शाम नजदीक आई AQI खतरनाक होता चला गया. सोमवार सुबह 8 बजे दिल्ली का AQI बढ़कर 301 हो गया. मंगलवार सुबह को दिल्ली का औसत AQI 323 पर चला गया. हालांकि दिल्ली के अलग अलग इलाकों की बात करें तो सुबह AQI 360 के पार था. कई जगहों पर आकंड़ा तो 400 के पार कर गया. दिल्ली को प्रदूषण से राहत देने में हवाओं के रूख का योगदान रहा, जो पटाखों से निकले धुएं को दिल्ली से बहाकर बाहर ले गई.
सोमवार रात जहरीली हो गई हवा
सोमवार की रात तो दिल्ली की हवा सामान्य से 10 गुणा ज्यादा प्रदूषित थी. दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमिटी के रियल टाइम डेटा के मुताबिक दिल्ली के जहांगीरपुरी में दिवाली की रात यानी कि सोमवार रात 10.30 बजे सामान्य से हवा 10 गुना ज़्यादा प्रदूषित थी. इस दौरान जहांगीरपुरी का AQI 770 तक पहुंच गया था. आरके पुरम में रात को AQI 863 पर चला गया. ये डाटा स्वीकृत सीमा से पंद्रह गुना ज्यादा है. रोहिणी में पांच बजे एक्यूआई 55 था. ये रात नौ बजे बढकर 354 हो गया. अशोक विहार में भी हालात लगातार बिगडे रहे यहां पर चार घंटे के भीतर एक्यूआई 62 से बढकर 400 हो गया.

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