
आतंकवाद से परेशान पाकिस्तान, PM शहबाज शरीफ ने बुलाई NSC की बैठक
AajTak
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक बुलाई गई. पाकिस्तान ने लगातार हो रहे आतंकी हमलों से आजिज आकर यह बैठक बुलाई. इस दौरान वित्त मंत्री इसाक डार ने देश की आर्थिक स्थिति और उसके समक्ष चुनौतियों से सभी को अवगत कराया.
पाकिस्तान में लगातार हो रहे आतंकी हमलों के बीच शुक्रवार को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) की बैठक हुई. इस बैठक में कैबिनेट मंत्री और खुफिया एजेंसियों के प्रमुख शामिल हुए. इस दौरान देश की आर्थिक और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई.
बैठक में देश के वित्त मंत्री इसाक डार ने देश की आर्थिक स्थिति और उसके समक्ष चुनौतियों से सभी को अवगत कराया. साथ में देश की आर्थिक रणनीति और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी भी दी गई.
आतंकी चुनौतियों से निपटने पर चर्चा
खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों ने भी देश की कानून एवं व्यवस्था की स्थिति से वाकिफ कराया. देश में हाल में हुई आतंकवाद की घटनाओं के कारकों पर भी बैठक में जानकारी दी गई.
पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने अफगानिस्तान की स्थिति को लेकर भी बैठक में अवगत कराया और अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार के साथ पाकिस्तान के संबंधों पर जानकारी दी.
बता दें कि 23 दिसंबर को इस्लामाबाद में आत्मघाती विस्फोट हुआ था, जिसमें एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी. साथ में चार पुलिसकर्मी समेत छह लोग घायल हो गए थे. अधिकारियों ने बताया था कि यह विस्फोट तब हुआ जब रूटीन चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक टैक्सी को रोका था. यह टैक्सी जैसे ही उनके पास पहुंची, उसमें विस्फोट हो गया.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









