
आज का दिन: PM केअर्स फंड से लगेंगे 551 ऑक्सीजन प्लांट, जानें क्या है सरकार का प्लान?
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कल पीएमओ की तरफ से कहा गया है कि वो पीएम केअर्स फंड्स से 551 डेडिकेटेड प्रेशर स्विंग ऐड्सॉर्प्शन मेडिकल ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट पूरे देश भर में लगाए जाएंगे.
देश में कोरोना के बेकाबू हालातों के बीच लोग अक्सर ये सवाल पूछते दिखे दिखे कि कहां है पीएम केयर्स फ़ंड का पैसा जो सरकार ने जमा कराया था. क्यों उसे खर्च नहीं किया जा रहा. तो कल पीएमओ की तरफ से कहा गया है कि वो पीएम केअर्स फंड्स से 551 डेडिकेटेड प्रेशर स्विंग ऐड्सॉर्प्शन मेडिकल ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट पूरे देश भर में लगाए जाएंगे. आपको याद होगा की पिछले साल भी भारत सरकार ने कहा था की 201 करोड़ 58 लाख रूपयों की मदद से देश भर में 162 आक्सीजन प्लांट लगाएगी लेकिन 18 अप्रैल को जारी किए गए अपने बयान में Union Ministry of Health and Family Welfare ने बताया की देश में अब तक केवल 33 आक्सीजन प्लांट को ही इंस्टाल किया जा सका है. अच्छा अब ऐसा भी नहीं है की देश में ऑक्सीजन का उत्पादन कम मात्रा में हो रहा है बल्कि देश में रोजाना 7,200 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन इन दिनों हो रहा है. कोविड से पहले भारत की मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादन करने की दैनिक क्षमता 6,500 मीट्रिक टन थी जो इस बीच दस प्रतिशत बढ़ गई है. आइनॉक्स एअर प्रोडक्ट्स के डायरेक्टर सिद्धार्थ जैन ने बीबीसी को बताया था कि कोविड से पहले भारत को हर दिन 700 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन की ज़रूरत होती थी जबकि आज ये दैनिक ज़रूरत बढ़कर करीब 5,000 मीट्रिक टन हो गई है. अब सवाल यहां ये पैदा होता है की जब ज़रूरत भर की ऑक्सीजन देश में ऑक्सीजन पैदा हो ही रही है तो फिर ये अस्पतालों तक क्यों नहीं पहुंच पा रही है तो इसका जवाब है ऑक्सीजन ट्रांस्पोर्टेशन में कमी. अब ऐसे में ऑक्सीजन ट्रांस्पोर्टेशन को लेकर सरकार क्या कदम उठा रही है?
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