
आज का दिनः श्रीलंका के दिवालियापन का चीन उठाएगा फ़ायदा!
AajTak
श्रीलंका अगर चीन का क़र्ज़ ना लौटा पाया तो क्या होगा? न्यूयॉर्क मेट्रो स्टेशन पर क्यों हुई गोलीबारी? फ़्यूल महंगा होने के अलावा कौन सी वजह है जिसे लेकर कैब ड्राइवर्स हड़ताल करने जा रहे हैं?, सुनिए 'आज का दिन' में अमन गुप्ता के साथ.
आजतक रेडियो' के मॉर्निंग न्यूज़ पॉडकास्ट 'आज का दिन' में सुनेंगे - भारत के पड़ोसी श्रीलंका की खस्ताहालत अब किसी से छिपी नहीं. देश दिवालिया होने के कगार पर है, भूख से बेहाल लोग सड़कों पर हैं और राजपक्षे सरकार ऊपर वाले के रहमो-करम पर है. एक्सपर्ट्स लंबे-लंबे लेख लिखकर समझा रहे हैं कि श्रीलंका की ऐसी हालत क्यों हुई और उसे क्या नहीं करना चाहिए था.
आजतक रेडियो पर हम रोज़ लाते हैं देश का पहला मॉर्निंग न्यूज़ पॉडकास्ट ‘आजका दिन’ जहां आप हर सुबह अपने काम की शुरुआत करते हुए सुन सकते हैं आपके काम की ख़बरें और उन पर क्विक एनालिसिस. साथ ही, सुबह के अख़बारों कीसुर्ख़ियां और आज की तारीख में जो घटा, उसका हिसाब किताब. आगे लिंक भी देंगे लेकिन पहले जान लीजिए कि आज केएपिसोड में हमारे पॉडकास्टर अमन गुप्ता किन ख़बरों पर बात कर रहे हैं?
क्या मुलाक़ातों से बेहतर होंगे अमेरिका-भारत संबंध? अंतरराष्ट्रीय राजनीति की जटिलता आप इस बात से समझ सकते हैं कि दो देशों की क़रीबी कैसे तीसरे देश के लिए मुसीबत बन जाती है. रूस युक्रेन युद्ध मामले में अमेरिका सबको रूस के खिलाफ देखना चाहता था. भारत की तटस्थता ने अमेरिका को परेशान किया. पिछले दिनों अमेरिकी डिप्टी एनएसए दलीप सिंह आए तो भारत को धमका के गए थे- कि चीन आंखें दिखाएगा तो रूस नहीं आएगा, हम ही आएंगे. और उसके कुछ ही दिन बाद कल इन दोनों देशों के बीच बातचीत हुई. बातचीत भी कैसी, दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की. पीएम मोदी और जो बाइडेन ने वर्चुअल मुलाकात की. ये तो इधर हुआ. वहीं कल दोनो देशों के फॉरेन मिनिस्टर्स और डिफेंस मिनिस्टर्स भी मिले वाशिंगटन में. टू प्लस टू वार्ता थी ये. रूस यूक्रेन युद्ध समेत कई साझा मुद्दे जो थे. जैसे क्लाइमेट चेंज, ग्लोबल इकॉनमी वगैरह. इन सारे इशूज पर बातचीत हुई ऐसा कहा जा रहा है. अच्छा ये भी कहा जा रहा है कि अमेरिका किसी भी हाल में रूस यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में भारत की नजदीकी रूस से बढ़ने नहीं देना चाहता. इसलिए भी ये मुलाकात अहम है. इस मीटिंग के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के सम्बन्धों को आगे ले जाने की बात कही. तो यही बात बाइडेन ने भी ट्वीट कर के लिखा. फिलहाल, दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच हुई इस मुलाकात के और फिर वाशिंगटन में हुई फॉरेन और डिफेंस मिनिस्टर्स की टू प्लस टू वार्ता की बड़ी बातें क्या रहीं? अगला श्रीलंका होगा नेपाल? भारत के पड़ोसी श्रीलंका की खस्ताहालत अब किसी से छिपी नहीं. देश दिवालिया होने के कगार पर है, भूख से बेहाल लोग सड़कों पर हैं और राजपक्षे सरकार ऊपर वाले के रहमोकरम पर है. एक्सपर्ट्स लंबे लंबे लेख लिखकर समझा रहे हैं कि श्रीलंका की ऐसी हालत क्यों हुई और उसे क्या नहीं करना चाहिए था. कमोबेश ऐसे ही हाल नेपाल के भी लग रहे हैं. हालांकि उतने बुरे तो नहीं हैं लेकिन देश का विदेशी मुद्रा भंडार जिस तेज़ी से घटा है वो परेशानी का सबब बन गया है. जिसके बाद नेपाल की सरकार और नेपाल राष्ट्र बैंक फटाफट फैसले लिए जा रहे हैं. गैर जरूरी लोन ददेने से मना कर दिया गया है. और तो और सेंट्रल बैंक के गवर्नर को नौकरी से निकाल दिया गया है. क्यों कहा जा रहा है कि नेपाल अगला श्रीलंका हो सकता है? कोरोना वगैरह कारण रहा राजनीतिक अस्थिरता की वजह से है ये?
आंध्र प्रदेश की नई कैबिनेट गठन का फ़ॉर्मूला आंध्र प्रदेश में सीएम जगन मोहन रेड्डी की नई कैबिनेट ने शपथ ले ली है. अमरावती में हुए शपथग्रहण कार्यक्रम पर सभी की नजरें लगी थीं. ये अहम इसलिए था क्योंकि 2024 में राज्य के विधानसभा चुनाव होने हैं. 2019 में जगन भारी बहुमत के साथ जीते थे तब उन्होंने सीएम का पद संभालते हुए ही कहा था कि ढाई साल बाद वो मंत्रिमंडल में पूरी तरह बदलाव करके नई टीम बनाएंगे. उन्होंने उसी वादे को पूरा किया. हालांकि अपने 25 सदस्यीय मंत्रिमंडल में उन्होंने 11 मंत्रियों को बरकरार रखा मगर 14 नए चेहरे शामिल भी किए. आंध्र में हुए इस बदलाव पर सबसे ज़्यादा किन बातों पर जगन मोहन का फोकस रहा ?
क्यों ख़ास है हेलिना मिसाइल? और अब बात कल हुए एक मिसाइल टेस्ट की. भारत ने कल एक एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल हेलिना की सफल टेस्टिंग की. डिफेंस मिनिस्ट्री ने एक बयान में कहा कि टेस्टिंग संयुक्त रूप से डीआरडीओ , इंडियन आर्मी और इंडियन एयरफोर्स के वैज्ञानिकों की टीम ने की .राजस्थान के पोखरण से ये टेस्ट हुआ है. कहा जा रहा है कि एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल के ऊंचाई वाले क्षेत्र से टेस्ट के बाद भारतीय सेना की ताकत में इजाफा होगा. तो इस मिसाइल की क्या खास बात है और ये कैसे बाकी मिसाइल्स से अलग हैं?
इन ख़बरों पर विस्तार से चर्चा के अलावा ताज़ा हेडलाइंस, देश-विदेश के अख़बारों से सुर्खियां, आज के दिन की इतिहास में अहमियत सुनिए 'आज का दिन' में अमन गुप्ता के साथ.

आज पूरी दुनिया में यही चर्चा है कि ईरान-अमेरिका युद्ध- रुकेगा या फिर महायुद्ध में बदल जाएगा. इस सवाल की वजह है युद्ध को लेकर अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप का दावा. ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले की नई डेडलाइन का एलान किया, वो भी ये कहते हुए कि ईरान की तरफ से युद्धविराम की पेशकश की गई है और दोनों देशों के बीच टेबल पर बातचीत जारी हैं. लेकिन ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को झूठ का पुलिंदा बताया. अब सवाल यही है कि पर्दे के पीछे क्या ईरान और अमेरिका में कोई बातचीत चल रही है, क्या जल्द युद्धविराम की संभावना है, या फिर ट्रंप के दावे में कोई दम नहीं.

ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश बेनकाब हुई है. पाकिस्तान को लेकर खुलासा हुआ है कि वो उसने अपने एजेंट्स की मदद से भारत में सीसीटीवी लगवाए, जिनके जरिए वीडियो पाकिस्तान भेजे जा रहे थे. गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम किया. पाकिस्तान ने इजरायल से सीख लेकर ऐसा किया. इजरायल ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर खामेनेई को लेकर अहम जानकारी जुटाई थी. देखें वीडियो.

डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को कन्फ्यूज कर दिया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप और उनके दावे हैं. वहीं दूसरी तरफ इन दावों को आंख दिखाती हकीकत. सवाल ये है कि जंग की बिसात पर ट्रंप कौन सा खेल खेल रहे हैं. जंग की शुरुआत से अबतक डोनाल्ड ट्रंप अपनी आदत के मुताबिक अपने बयान बदल रहे हैं. दुर्भाग्य ये है कि ये जंग है. पहले दिन से वो कह रहे हैं कि हम जीत रहे हैं. जंग के 25 दिन बाद हकीकत कुछ और है. लेकिन वो कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान को खत्म कर दिया है. फिर दबाव बढ़ाने के लिए उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया. वहीं अचानक ये कहकर दुनिया को चौंका दिया कि 5 दिन युद्धविराम. ट्रंप की इन बातों ने बता दिया है कि उनके दिमाग में घोर कन्फ्यूजन है.

पश्चिम एशिया में बिगड़े हालातों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की बातचीत हुई है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी. पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात हुई. भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. देखें वीडियो.

मोहम्मद बाघेर जोलघादर, ईरान के नए सुरक्षा रणनीतिकार होंगे. ईरान ने अली लारीजानी की जगह पर मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति का ऐलान किया है. ईरान के सरकारी चैनल IRIB के मुताबिक सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति को मंजूरी दी है. ईरान का ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब बातचीत के राष्ट्रपति ट्रंप के एकतरफा ऐलान के बावजूद ईरान पलटवार से रुका नहीं. ईरान के हमलों से आज तेल अवीव में रिहाइशी इमारतों की बर्बादी की तस्वीरें आईं. उधर, इजरायल ने ईरान के खोर्रमशहर और इशफाहान में ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए हैं. बीती रात हुए हमलों से साफ है कि बातचीत के लिए 5 दिनों की जो मोहलत ट्रंप ने दी, उसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा. इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और UAE भी युद्ध में उतर सकते हैं. सवाल है कि इस युद्ध पर फुलस्टॉप कैसे लगेगा? क्या बातचीत के लिए ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम है?








