
'आक्रामकता बर्दाश्त नहीं, हमें आत्मरक्षा का पूरा हक', जयशंकर से बोले ईरानी विदेश मंत्री अराघची
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भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने क्षेत्रीय तनाव पर फोन पर चर्चा की. जयशंकर ने क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए निरंतर सहयोग की आवश्यकता को रेखांकित किया.
अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का आज 14 दिन है. भारत में युद्ध का असर LPG की सप्लाई पर पड़ रहा है. इस बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बात की है. दोनों नेताओं के बीच मौजूदा भू-राजनीतिक हालात और क्षेत्रीय स्थिरता के मुद्दों पर चर्चा की गई.
बातचीत में अराघची ने ईरान पर हुए हमले की निंदा की भी अपील की है. ईरान की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, अराघची ने अपने भारतीय समकक्ष को हालिया घटनाक्रम से अवगत कराया. उन्होंने बताया कि ईरान के मुताबिक अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता पर असर पड़ा है.
ईरानी विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा कि ईरान की सरकार, जनता और सशस्त्र बल अपने वैध आत्मरक्षा के अधिकार का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की निंदा करने का भी आह्वान किया.
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इसके साथ ही अराघची ने वैश्विक स्थिरता बनाए रखने में BRICS जैसे मंचों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया. विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है. उन्होंने क्षेत्र में स्थायी शांति, स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया.
भारत शुरू से ही बातचीत और कूटनीति के जरिए तनाव कम करने का पक्षधर रहा है. विशेषज्ञों के मुताबिक यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजारों पर भी असर पड़ रहा है.

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