
'असल जिंदगी का सुपरहीरो', ट्रंप की रैली में फायरिंग से मरने वाले शख्स को US ने किया सैल्यूट
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एलिसन ने बताया कि उन्होंने गोली चलने के दौरान मुझे और मेरी मां को जमीन पर गिरा दिया और हमें गोलियों से बचाने के लिए शील्ड के तौर पर हमारा बचाव किया. एलिसन ने अपने पिता को सबसे बेहतर पिता बताते हुए कहा कि वह हमेशा सभी की मदद करने को तैयार रहते थे.
अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में डोनाल्ड ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले से दुनियाभर में खलबली मची हुई है. ट्रंप को निशाना बनाकर किए गए हमले में 50 साल के एक दमकलकर्मी की मौत हो गई थी. चुनावी रैली में परिवार के साथ आए इस शख्स ने अपने परिवार को गोलियों से बचाते हुए जान दे दी थी. पेंसिल्वेनिया के गवर्नर ने उन्हें सुपरहीरो बताया है.
इस हमले में मारे गए शख्स की पहचान कोरी कॉम्पेराटोर (Corey Comperatore) के तौर पर की गई है. वह अपने परिवार के साथ ट्रंप की रैली में आए थे. उन्हें ट्रंप का कट्टर समर्थक माना जाता है. वह अपने परिवार के साथ ट्रंप के ठीक पीछे बैठे थे. लेकिन जैसे ही रैली में हमलावर ने गोलियां चलाईं, उन्होंने अपने परिवार को बचाने के लिए खुद को ढाल बना लिया.
इस घटना को लेकर कोरी की बेटी एलिसन ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि उनके पिता असल जिंदगी के सुपरहीरो थे, जिन्होने अपने परिवार को हमले से बचाने के लिए खुद अपनी जान दे दी.
एलिसन ने बताया कि उन्होंने गोली चलने के दौरान मुझे और मेरी मां को जमीन पर धकेल दिया और हमें गोलियों से बचाने के लिए शील्ड के तौर पर हमारा बचाव किया. उनकी पीठ पर गोलियां लगी. एलिसन ने अपने पिता को सबसे बेहतर पिता बताते हुए कहा कि वह हमेशा सभी की मदद करने को तैयार रहते थे.
पेंसिल्वेनिया के गवर्नर जोश शापिरो ने कोरी को हीरो बताते हुए कहा कि हमने बीती रात पेंसिल्वेनिया के अपने एक साथी को खो दिया. वह चर्च जाने वाले शख्स थे, जो अपने समुदाय और विशेष रूप से अपने परिवार से बहुत प्यार करते थे. उनके सम्मान में ध्वज को आधा झुका दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि कोरी ट्रंप के कट्टर समर्थक थे और उनकी रैली में आने को लेकर बहुत उत्सुक थे.
बता दें कि इस हमले में दो शख्स घायल भी हुए हैं. घायलों की पहचान 57 साल के डेविड डच औऱ 74 साल के जेम्स कोपनहेवर के तौर पर हुई है. दोनों पेंसिल्वेनिया के ही रहने वाले हैं और फिलहाल उनकी स्थिति स्थर है.

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