
असम पुलिस ने किया बांग्लादेशी आतंकी संगठन ABT के मॉड्यूल का पर्दाफाश, PFI के लोग भी करते हैं काम
AajTak
असम पुलिस अधिकारी ने कहा कि पूछताछ के दौरान हुसैन ने बताया कि वह बारपेटा जिले के पीएफआई का अध्यक्ष था. ABT में शामिल होने से पहले वह निचले असम में PFI के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा था, लेकिन बाद में एबीटी में शामिल होने के लिए इस्तीफा दे दिया.
असम पुलिस ने शनिवार को बताया कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और बांग्लादेशी आतंकी संगठन अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (ABT) के बीच संबंध हैं. पुलिस अधिकारी के मुताबिक, उन्होंने एबीटी आतंकी मॉड्यूल का खुलासा करते हुए अप्रैल महीने में 16 लोगों को गिरफ्तार किया है.
असम पुलिस के अधिकारी अनुसार, कुछ पीएफआई कार्यकर्ता बांग्लादेश में स्थित अल-कायदा आतंकी संगठन से प्रेरित इस्लामिक चरमपंथी समूह एबीटी के लिए काम कर रहे हैं और वे राज्य में पीएफआई की सभी गतिविधियों की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं. असम पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) (विशेष शाखा) हिरेन नाथ ने इसकी पुष्टि की है.
बारपेटा जिले का PFI अध्यक्ष था हुसैन
एजेंसी के मुताबिक, पुलिस अधिकारी ने कहा कि पूछताछ के दौरान हुसैन ने बताया कि वह बारपेटा जिले के पीएफआई का अध्यक्ष था. अंसारुल्लाह बांग्ला टीम में शामिल होने से पहले वह निचले असम में पीएफआई के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा था, लेकिन बाद में एबीटी में शामिल होने के लिए इस्तीफा दे दिया जहां उसे मेहदी हसन द्वारा प्रशिक्षित किया गया था.
एडीजीपी के मुताबिक, असम पुलिस ने अब तक पीएफआई और सीएफआई के खिलाफ 18 मामले दर्ज किए हैं. उन्होंने बताया, "18 मामलों में से 16 पीएफआई के खिलाफ दर्ज हैं, जबकि अन्य दो मामले सीएफआई के खिलाफ दर्ज हैं."
संवेदनशील मुद्दे पर भड़काते हैं PFI के लोग

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









