
'अरे, तुम बच्चा न थे, बेमतलब का...', वोटर लिस्ट पर तेजस्वी के आरोपों पर विधानसभा में भड़के नीतीश
AajTak
बिहार विधानसभा में वोटर लिस्ट रिवीजन के मामले पर जोरदार हंगामा हुआ. विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने रिवीजन फॉर्म में मांगे जा रहे 11 डॉक्यूमेंट्स को लेकर सवाल किया कि गरीब लोग इतने सारे डॉक्यूमेंट्स कहां से लाएंगे.
बिहार विधानसभा में वोटर लिस्ट रिवीजन के मामले पर जोरदार हंगामा हुआ. विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने रिवीजन फॉर्म में मांगे जा रहे 11 डॉक्यूमेंट्स को लेकर सवाल किया कि गरीब लोग इतने सारे डॉक्यूमेंट्स कहां से लाएंगे. उन्होंने कहा कि डॉक्यूमेंट्स के मामले में बिहार फिसड्डी है. इस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भड़क गए. उन्होंने तेजस्वी यादव को अपने माता-पिता के कार्यकाल पर झांकने की सलाह दे दी. सीएम नीतीश ने तेजस्वी को कहा कि 'तब तब बच्चा थे.'
तेजस्वी यादव के आरोपों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बात ये है कि सब लोगों को अपनी राय देना है. अभी तो यही प्रक्रिया चल रही है. अभी ये (तेजस्वी) बोल रहा है." तेजस्वी यादव ने भड़कते हुए कहा, "उमरवा (उम्र) तुम्हारा क्या है? तुम्हारे पिता और माता मुख्यमंत्री थे. जब हम बने तो काम हुआ."
सीएम नीतीश कुमार ने कहा, "चुनाव लड़ना है. जो अंड-बंड बोलते रहो. महिलाओं के लिए कितना किया. मुस्लिम के लिए कितना काम किया. बीच में साथ थे तो कितना बड़ाई कर रहे थे. जाओ चुनाव लड़ो." सीएम नीतीश ने तेजस्वी यादव से कहा, "बच्चा ना हो. पटना में कोई शाम में नहीं निकलता था. हम तो जो काम किए हैं कि उसी को लेकर जनता के बीच जाएंगे.

हरियाणा के दादरी जिले में एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें बीजेपी विधायक को चमचों से दूर रहने की कड़वी नसीहत एक बुजुर्ग ने दी है. यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. वीडियो में बुजुर्ग की बातों का अंदाज़ साफ दिखता है जो नेताओं के व्यवहार पर सवाल उठाता है. यह घटना लोकतंत्र के अंतर्गत नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच सीधे संवाद की महत्ता को दर्शाती है. ऐसे संवाद समाज में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व बढ़ाने में मदद करते हैं.

दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके से एक दुखद और गंभीर खबर आई है जहां एक 11 साल के बच्चे की हत्या हुई है. बच्चे की आंख और सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं. जानकारी के अनुसार, पिता ने ही अपने पुत्र की हत्या की है और उसने घटना के बाद एक वीडियो बनाकर अपने परिवार को भेजा. इस घटना के बाद आरोपी फरार है और इस मामले की जांच जारी है.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के PRO ने दावा करते हुए कहा कि प्रयागराज प्रशासन के बड़े अधिकारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से सम्मान पूर्वक दोबारा स्नान कराने की कोशिश की है. जिसके बाद स्वामी अवमुक्तेश्वरानंद की तरफ से प्रशासन के लिखित में माफी मांगने, मारपीट करने वालो पर कार्रवाई और चारों शंकराचार्य के स्नान की मांग की गई.










