
अरावली, स्ट्रे डॉग्स, सोनम वांगचुक की रिहाई और बांके बिहारी मंदिर... सुप्रीम कोर्ट में कल अहम मामलों पर सुनवाई
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न्यायिक कैलेंडर के लिहाज़ से बुधवार यानी 7 जनवरी का दिन सुप्रीम कोर्ट में बेहद अहम रहने वाला है. पर्यावरण, नागरिक सुरक्षा, धार्मिक परंपराओं और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून से जुड़े कई बड़े मामलों पर शीर्ष अदालत में सुनवाई होनी है.
7 जनवरी का दिन सुप्रीम कोर्ट के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है. शीर्ष अदालत में पर्यावरण, नागरिक सुरक्षा, धार्मिक परंपराओं और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून से जुड़े कई बड़े मामलों पर सुनवाई होनी है. इन मामलों के फैसले दूरगामी असर डाल सकते हैं.
कोर्ट अरावली की परिभाषा और संरक्षण अरावली पहाड़ियों के संरक्षण और उसकी सटीक परिभाषा को लेकर कल सुनवाई करेगा. पूर्व वन अधिकारी आरपी बलवान की याचिका पर होने वाली यह सुनवाई हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों के पर्यावरण के लिए निर्णायक हो सकती है. कोर्ट ने पहले ही केंद्र और संबंधित राज्यों को इस मामले में नोटिस जारी कर पारिस्थितिक चिंताओं पर जवाब मांगा है.
वहीं देशभर में आवारा कुत्तों के काटने की घटनाओं और उससे होने वाले रेबीज के बढ़ते मामलों पर कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था. मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आवेदनों की भारी संख्या को देख टिप्पणी करते हुए कहा कि 'इतने आवेदन तो इंसानों के केस में भी नहीं आते'.
तीन जजों की विशेष बेंच कल स्कूलों, अस्पतालों और रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा और पशु कल्याण के संतुलन पर विचार करेगी.
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सोनम वांगचुक की रिहाई को चुनौती वाली याचिका पर सुनवाई

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का आज 18वां दिन है. ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले जारी हैं. वहीं ईरान की ओर से भी लगातार जवाबी हमले हो रहे हैं. ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अहम चेहरा लारीजानी को लेकर आई है. इजरायल के रक्षा मंत्री ने दावा किया है कि लारीजानी को हमले में मार दिया गया है. इजराइल का एक और बड़ा दावा है कि उसके हमले की जद में बसीज कमांडर भी आए हैं. दावे के मुताबिक बसीज पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी को भी निशाना बनाया गया. बसीज, ईरान की एक अहम पैरामिलिट्री फोर्स है, जो आंतरिक सुरक्षा और विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भूमिका निभाती है. खबर ये भी है कि लारीजानी के दफ्तर से दावा है कि कुछ देर में संदेश जारी होगा. लेकिन इजरायल सीधा दावा कर रहरा है कि हमले में लारीजानी को मार दिया गया है.

ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अहम चेहरा अली लारीजानी को इजरायल ने टारगेट किया है. हालांकि ये अब तक साफ नहीं है कि अली लारीजानी की स्थिति कैसी है. इजराइल का एक और बड़ा दावा है कि उसके हमले की जद में बसीज कमांडर भी आए हैं. दावे के मुताबिक बसीज पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी को भी निशाना बनाया गया. बसीज, ईरान की एक अहम पैरामिलिट्री फोर्स है, जो आंतरिक सुरक्षा और विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भूमिका निभाती है.

एक तरफ अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे है. वहीं दूसरी तरफ हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल की जंग जारी है. इजरायल ने एक बार फिर लेबनान में हमला किया. लेबनान की राजधानी बेरूत में इजरायली एयर फोर्स ने एयर स्ट्राइक की. हिज्बुल्लाह के ठिकानों को इजरायल ने निशाना बनाया, हमले के बाद बेरूत के कई इलाकों में धमाके की आवाज सुनी गई. हमले के बाद काला धुआं भी उठता देखा गया.

होर्मुज में तेल और गैस पर ईरान ने जो रोक लगा रखी है, उसकी सुरक्षा के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने मित्र देशों से युद्धपोत भेजने की गुहार लगाई है. लेकिन फ्रांस, जापान, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया ने युद्धपोत भेजने से इनकार कर दिया, यगां तक की यूके ने भी कहां वो अभी इसपर विचार विमर्श कर रहे है.

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक से सारे शहर में सन्नाटा पसरा है. जिस अस्पताल में कभी हजार से ज्यादा मरीज थे वो इमारत अब खंडहर में तब्दीर हो गई है. चारों ओर सिर्फ आग और धुंए का गुबार दिख रहा है. इस हमले से 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 250 से ज्यादा लोग घायल हो चुके है.








