
अयातुल्ला अली खामेनेई: शिया वर्ल्ड का सबसे बड़ा नेता, साधारण मौलवी से सुप्रीम लीडर बनने तक का सफर
AajTak
इजरायली-अमेरिकी हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है. खामेनेई ने 36 सालों तक ईरान की सत्ता संभाली. ईरान का सुप्रीम लीडर बनने से पहले वो देश के राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री के पद पर भी रहे. एक आम मौलवी से सुप्रीम लीडर बनने तक का सफर उनके लिए आसान नहीं था.
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की इजरायली-अमेरिकी हमले में मौत हो गई है. 86 वर्ष की उम्र में उनकी मौत के साथ ही मिडिल-ईस्ट के एक सबसे शक्तिशाली अध्याय का अंत हो गया है. खामेनेई पिछले 37 सालों से ईरान की सत्ता पर काबिज थे. वो न सिर्फ ईरान के सबसे बड़े नेता थे, बल्कि पूरी दुनिया में शिया राजनीति के सबसे बड़े चेहरों में से एक माने जाते थे.
खामेनेई का जन्म 19 अप्रैल, 1939 को ईरान के मशहद में हुआ था. उनका ताल्लुक एक साधारण मौलवी परिवार था. उन्होंने बहुत कम उम्र में ही मजहबी शिक्षा लेनी शुरू कर दी थी. आगे की पढ़ाई के लिए वो 1950 के दशक में कुम चले गए और महज 11 साल की उम्र में मौलवी बन गए.
कुम में खामेनेई की मुलाकात इस्लामी क्रांति के जनक अयातुल्ला रुहुल्लाह खुमैनी से हुई. खुमैनी के विचारों ने खामेनेई की जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया और धीरे-धीरे वो खुमैनी के सबसे भरोसेमंद शागिर्दों में से एक बन गए.
खामेनेई को बम से मारने की कोशिश
खामेनेई ने 1960 के दशक में ईरान के शाह (राजा) के खिलाफ हुए प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. शाह की पुलिस ने उन्हें 6 बार गिरफ्तार किया और उन्हें जेल में रखा गया. 1979 में जब इस्लामी क्रांति सफल हुई, तो खामेनेई नई सरकार के सबसे मजबूत स्तंभ बनकर उभरे. 1981 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन पर बम से हमला हुआ. इस हमले में उनका दाहिना हाथ हमेशा के लिए पैरालाइज हो गया था.
यह भी पढ़ें: खामेनेई की मौत के बाद किसे मिलेगी ईरान की कमान? ये 2 नाम आ रहे सामने

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 17वां दिन है. हर दिन बीतने के साथ ये जंग और भीषण होती जा रही है क्योंकि अब अमेरिका-इजरायल के हमलों का जवाब देने के लिए ईरान ने एडवांस मिसाइलों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. 28 फरवरी से चल रहे युद्ध में ईरान ने पहली बार अपनी सबसे आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक सेजिल से इजरायल को टारगेट किया है. सेजिल मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में माहिर है, इसी वजह से इसे डांसिंग मिसाइल भी कहा जाता है. ईरान की ओर से सेजिल मिसाइल का इस्तेमाल होने से युद्ध में और तेजी आने का साफ संकेत मिल रहा है.

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल के शहर तेल अवीव पर मिसाइल हमला हुआ है. सोशल मीडिया और सीसीटीवी फुटेज में वो पल कैद हुआ है जब ईरान की मिसाइल तेल अवीव की एक सड़क पर आकर गिरती दिखाई देती है. इज़रायल पुलिस के मुताबिक इस हमले में क्लस्टर वारहेड का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छोटे बम अलग-अलग जगहों पर गिरकर फटे और आसपास के कई इलाकों को नुकसान पहुंचा. देखें वीडियो.

क्या ईरान युद्ध में अमेरिका फंस गया है? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ट्रंप के लिए अब बड़ी चुनौती बन गया है. ट्रंप दावे तो बहुत करते हैं, लेकिन हकीकत ये है कि होर्मुज समुद्री मार्ग अभी भी बंद है. ईरान जिसे चाहता है उसके जहाज जाने देता है. बिना ईरान की सहमति के कोई जहाज वहां से नहीं निकल सकता. देखें श्वेता सिंह की ये रिपोर्ट.

ईरान ने पहली बार अपनी घातक मिसाइल सेजिल का इस्तेमाल कर इजरायल पर हमला किया है. इस हमले से ईरान ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ 54वां चरण शुरु कर दिया है. IRGC के ऐरोस्पेस प्रमुख ने बताया कि सेजिल मिसाइल से कमांड और कंट्रोल केंद्रों पर मला किया. इस मिसाइल में ईरान के अंदर से इजरायल को निशाना बनाने की पूरी क्षमता है.









