
अमेरिकी संसद में जकरबर्ग ने क्यों मांगी माफी? पढ़ें- 1 फरवरी की देश-दुनिया की 15 बड़ी खबरें
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1 फरवरी को अमेरिका, भारत समेत दुनिया में ये खबरें सुर्खियों में बनी रहीं. आइए डालते हैं एक नजर...
अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में एक दुर्लभ बीमारी फैल रही है. यूरोप के कई देशों में किसानों का प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है. वहीं, भारत में गुरुवार को अंतरिम बजट पेश किया गया. 1 फरवरी को अमेरिका, दुनिया और भारत में ये खबरें सुर्खियों में बनी रहीं. आइए डालते हैं एक नजर...
अमेरिका की 5 बड़ी खबरें...
1. मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने लोगों से मांगी माफी
मेटा के सीईओ और फेसुबक के को-फाउंडर मार्क जकरबर्ग ने लोगों से माफी मांगी है. बुधवार को ऑनलाइन चाइल्ड सेफ्टी की सुनवाई के दौरान ऑडियंस में कुछ लोगों ने पोस्टर दिखाए कि किस तरह से इंस्टाग्राम बच्चों के सुसाइड और शोषण को बढ़ावा दे रहा है. जकरबर्ग ने बोला, 'मैं उन सभी चीजों के लिए आपसे माफी मांगता हूं, जिनसे आपको गुजरना पड़ा है.'
2. इडाहो एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा, 3 की मौत
इडाहो स्टेट में बोइस एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा हो गया. यहां अंडर कंस्ट्रक्शन इमारत ढह गई. इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल हो गए. अधिकारियों ने बताया कि घायलों में 5 की हालत बहुत गंभीर है. प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









