
अमेरिका: 8 नवंबर से 5 साल से अधिक उम्र के बच्चों को लगेगी फाइजर की वैक्सीन, मिली मंजूरी
AajTak
अमेरिकी खाद्य और ओषधि प्रशासन से मंजूरी मिलने के बाद सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ऐंड प्रिवेंशन ने भी मंजूरी दे दी थी. ऐसे में अब सरकार से अनुमति मिलने के बाद अमेरिका में 2.8 करोड़ बच्चों को वैक्सीन लगने का रास्ता साफ हो गया है. हालांकि, सरकार ने इस फैसले से पहले ही 5-11 साल के बच्चों के लिए पर्याप्त वैक्सीन डोज खरीदकर उन्हें देश भर में भेजना शुरू कर दिया है.
अमेरिका में 5 साल से अधिक बच्चों को कोरोना के खिलाफ फाइजर वैक्सीन लगाने को मंजूरी मिल गई है. अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों ने मंगलवार को बच्चों को फाइजर वैक्सीन डोज लगाने की मंजूरी दे दी है. इसे अमेरिका के वैक्सीनेशन अभियान में अहम कदम माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि अमेरिका में 8 नवंबर से बच्चों में कोरोना की वैक्सीन लगने लगेगी. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इसे टर्निंग पॉइंट करार दिया.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









