
अमेरिका-रूस में बढ़ी टेंशन! वेनेजुएला से आ रहे रूसी तेल टैंकर पर US नेवी ने किया कब्जा
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अमेरिका, रूस के झंडे वाले एक विशाल तेल टैंकर 'मरीनेरा' (Marinera) को जब्त करने के लिए कई दिनों से पीछा कर रहा था. अमेरिकी यूरोपीय कमान ने बुधवार को पुष्टि की है कि रूसी टैंकर को कब्जे में ले लिया गया है.
अमेरिका और रूस के बीच जारी तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. उत्तरी अटलांटिक महासागर में हफ्तों तक चले हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद अमेरिका ने रूस के झंडे वाले तेल टैंकर 'मरीनेरा' (Marinera) को सफलतापूर्वक जब्त कर लिया है. इस सैन्य कार्रवाई ने वैश्विक राजनीति में खलबली मचा दी है क्योंकि ऑपरेशन के दौरान रूसी नौसेना के युद्धपोत और पनडुब्बियां भी उसी क्षेत्र में मौजूद थीं.
अमेरिकी यूरोपीय कमान (US European Command) ने बुधवार को पुष्टि की है कि वेनेजुएला के तेल व्यापार से जुड़े रूसी टैंकर 'मरीनेरा' को अमेरिकी सेना और कोस्ट गार्ड ने संयुक्त ऑपरेशन में अपने नियंत्रण में ले लिया है. फेडरल कोर्ट के वारंट के आधार पर की गई यह कार्रवाई प्रतिबंधों के उल्लंघन के आरोप में की गई है.
पनडुब्बियों और युद्धपोतों के बीच चला ऑपरेशन
यह जब्ती तब हुई जब आइसलैंड के पास समुद्र में रूसी नौसेना की एक पनडुब्बी और कई युद्धपोत तैनात थे. अमेरिकी अधिकारियों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को गोपनीयता की शर्त पर बताया कि इस रूसी टैंकर को पकड़ने की कवायद रातों-रात सफल नहीं हुई, बल्कि इसे हफ्तों तक अटलांटिक महासागर में ट्रैक किया गया था. यह टैंकर पहले ही अमेरिकी समुद्री 'नाकाबंदी' को चकमा देकर निकल चुका था और इसने अमेरिकी तटरक्षक बल के बार-बार दिए गए निर्देशों और जहाज पर चढ़कर जांच करने के अनुरोधों को ठुकरा दिया था. इतना ही नहीं, पकड़े जाने के डर से जहाज ने बीच समुद्र में अपनी पहचान छिपाने के लिए झंडा और पंजीकरण तक बदल दिया था.
यह पूरी घेराबंदी और भी तनावपूर्ण तब हो गई जब अंतरराष्ट्रीय खुफिया रिपोर्टों में खुलासा हुआ कि टैंकर के रूट के आसपास रूसी नौसेना की गतिविधियां बढ़ गई हैं. अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की कि ऑपरेशन के दौरान रूसी युद्धपोत और एक पनडुब्बी उसी क्षेत्र में मौजूद थे. हालांकि, रूसी सैन्य जहाजों और टैंकर के बीच की सटीक दूरी स्पष्ट नहीं की गई है, लेकिन उनकी मौजूदगी ने इस ऑपरेशन को एक गंभीर भू-राजनीतिक टकराव में बदल दिया था.

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