
अमेरिका में 54 साल की महिला को लगाई गई थी सूअर की किडनी और हार्ट... नहीं कर पाई सर्वाइव, मौत
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न्यूजर्सी की रहने वालीं 54 साल की लीसा पिसानो को हार्ट फैल्योर और किडनी की लास्ट स्टेज की बीमारी थी. उन्हें नियमित डायलिसिस की जरूरत होती थी. हार्ट और किडनी फेल होने की वजह से सर्जरी के जरिए उनमें सूअर के अंग ट्रांसप्लांट किए गए थे.
अमेरिका में कुछ महीने पहले एक महिला की सर्जरी कर उसमें सूअर की किडनी और हार्ट लगाया गया था. ये अपनी तरह का पहला मौका था, जब किसी इंसान में कंबाइंड हार्ट पंप और सूअर की किडनी ट्रांसप्लांट की गई थी. अब खबर है कि इस महिला की मौत हो गई है.
यह सर्जरी न्यूजर्सी के एनवाईयू लैंगोन में की गई थी. न्यूजर्सी की रहने वालीं 54 साल की लीसा पिसानो को हार्ट फैल्योर और किडनी की लास्ट स्टेज की बीमारी थी. उन्हें नियमित डायलिसिस की जरूरत होती थी. हार्ट और किडनी फेल होने की वजह से सर्जरी के जरिए उनमें सूअर के अंग ट्रांसप्लांट किए गए थे.
पहले ट्रांसप्लांट के बाद 2 लोगों की हो गई थी मौत
जानकारी के मुताबिक 4 अप्रैल को लीसा के शरीर में हार्ट पंप और 12 अप्रैल को सूअर की थाइमस ग्रंथि के साथ जीन-एडिटेड सूअर किडनी लगाई गई. बता दें कि दुनिया में सबसे पहले सूअरकी किडनी किसी जीवित शख्स के रूप में 62 साल के रिक स्लेमैन को मार्च के महीने में मैसाचुसेट्स जनरल अस्पताल में लगाई गई थी. जो इस महीने अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर भी पहुंच गए हैं. हालांकि, इससे पहले जब दो जीवित लोगों को सूअर की किडनी लगाई गई, तब कुछ ही हफ्तों के अंदर उनकी मौत हो गई थी.
अमेरिका में ऑर्गन की डिमांड ज्यादा सप्लाई कम
अमेरिका में जितने लोग अंगदान करते हैं, उससे कहीं अधिक संख्या अंग लेने वालों की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका में हर दिन 17 लोग ऑर्गन के इंतजार में मर जाते हैं. यहां किडनी की डिमांड सबसे ज्यादा और आपूर्ति सबसे कम है. ऑर्गन परचेस और ट्रांसप्लांट नेटवर्क के मुताबिक, 2023 में करीब 27 हजार किडनी ट्रांसप्लांट की गईं लेकिन लगभग 89 हजार लोग उन अंगों की वेटिंग लिस्ट में थे.

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