
अमेरिका में जासूसी के शक में भारतवंशी एश्ले टेलिस गिरफ्तार, घर में टॉप सीक्रेट दस्तावेज छिपाने और चीनी अधिकारियों से मिलने का आरोप
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भारत में जन्मे और वॉशिंगटन की विदेश नीति सर्किट में बेहद चर्चित नाम एश्ले टेलिस पर राष्ट्रीय सुरक्षा उल्लंघन के गंभीर आरोप लगे हैं. अमेरिकी जांच एजेंसियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है और मामला सीधे चीन से कथित संपर्कों तक जा पहुंचा है.
भारतीय मूल के अमेरिकी विश्लेषक और साउथ एशिया पॉलिसी पर लंबे समय तक सलाहकार रहे एश्ले टेलिस को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया. उन पर आरोप है कि उन्होंने गोपनीय दस्तावेज अपने पास रखे और चीनी अधिकारियों से मुलाकात की. कोर्ट में दाखिल दस्तावेजों के मुताबिक, 64 वर्षीय टेलिस पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जानकारियां अवैध रूप से रखने का आरोप है. दोषी पाए जाने पर उन्हें 10 साल तक की जेल और 2.5 लाख डॉलर जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है.
अमेरिकी न्याय विभाग ने बताया कि टेलिस के वर्जीनिया स्थित घर से हजारों पेजों के 'टॉप सीक्रेट' और 'सीक्रेट' दस्तावेज मिले हैं. ये दस्तावेज उनके वियना स्थित घर में रखे गए थे. टेलिस की गिरफ्तारी पिछले हफ्ते हुई और सोमवार को उन्हें औपचारिक रूप से आरोपित किया गया. एफबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि वे स्टेट डिपार्टमेंट के अनपेड एडवाइजर और पेंटागन के ऑफिस ऑफ नेट एसेसमेंट के कॉन्ट्रैक्टर के रूप में काम कर रहे थे.
अमेरिकी-भारत पॉलिसी को लेकर चर्चित नाम
एश्ले टेलिस कार्नेगी एंडाउमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के सीनियर फेलो भी हैं. उन्होंने 2001 में अमेरिकी सरकार से जुड़कर रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों प्रशासन को भारत और दक्षिण एशिया पॉलिसी पर सलाह दी. वे मुंबई में जन्मे और सेंट जेवियर्स कॉलेज से पढ़े हैं. इसके बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो से पॉलिटिकल साइंस में एमए और पीएचडी की. वर्षों तक वे यूएस-इंडिया-चाइना पॉलिसी के सबसे प्रभावशाली विश्लेषकों में गिने जाते रहे हैं.
कोर्ट फाइलिंग्स में गंभीर आरोप
कोर्ट रिकॉर्ड्स के मुताबिक, सितंबर और अक्टूबर 2025 में टेलिस ने डिफेंस और स्टेट डिपार्टमेंट की बिल्डिंग्स से गुप्त दस्तावेज़ निकाले, प्रिंट किए और घर ले आए. सर्विलांस फुटेज में उन्हें एक लेदर ब्रीफकेस के साथ इमारत से बाहर जाते देखा गया था. जब एफबीआई ने 11 अक्टूबर को उनके घर पर सर्च वारंट के तहत छापेमारी की तो कई जगहों से गुप्त फाइलें बरामद हुईं, जिनमें लॉक्ड फाइलिंग कैबिनेट, बेसमेंट ऑफिस की टेबल और स्टोरेज रूम में रखे ब्लैक ट्रैश बैग्स शामिल हैं. एफबीआई के अनुसार, टेलिस के पास टॉप सीक्रेट सिक्योरिटी क्लीयरेंस थी और वे सेंसिटिव कंपार्टमेंटेड इंफॉर्मेशन तक पहुंच रखते थे.

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